Barabanki News: जिला पुरुष अस्पताल परिसर के जन औषधि केंद्र पर औषधि निरीक्षक की छापेमारी ।
बाहरी आयुर्वेदिक सिरप मिलने से मचा हड़कंप, जांच और कार्रवाई जारी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 10 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जन औषधि केंद्र पर औषधि निरीक्षक की अचानक छापेमारी से हड़कंप मच गया। मामला रफी अहमद किदवई स्मारक जिला पुरुष अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र का है, जहां जांच के दौरान बाहरी आयुर्वेदिक सिरप का स्टॉक मिलने की बात सामने आई है।
औषधि निरीक्षक की टीम ने मौके पर पहुंचकर केंद्र में उपलब्ध दवाओं और संबंधित अभिलेखों की जांच की। इस दौरान बाहरी आयुर्वेदिक सिरप बरामद होने के बाद अधिकारियों ने उसे कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि जन औषधि केंद्र में यह दवा किस आधार पर रखी गई थी और इसकी बिक्री की जा रही थी या नहीं।
जन औषधि केंद्र पर अचानक पहुंची औषधि निरीक्षक की टीम
जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी जिला पुरुष अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र पर औषधि निरीक्षक की टीम ने अचानक छापेमारी की। टीम के पहुंचते ही केंद्र में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों ने केंद्र में रखी दवाओं के स्टॉक की जांच करने के साथ-साथ उपलब्ध अभिलेखों को भी खंगाला। दवाओं की खरीद, स्टॉक और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। इसके अलावा मौके पर मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।
जांच के दौरान बाहरी आयुर्वेदिक सिरप मिलने के बाद अधिकारियों ने संबंधित दवाओं को अपने कब्जे में ले लिया।

जन औषधि केंद्र में बाहरी दवा मिलने से उठे सवाल
जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य आम लोगों को निर्धारित एवं अधिकृत दवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है। ऐसे में किसी केंद्र पर बाहरी दवाओं का स्टॉक मिलना कई सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बाहरी आयुर्वेदिक सिरप जन औषधि केंद्र तक कैसे पहुंची?
क्या इसे केंद्र पर बिक्री के लिए रखा गया था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी? दवा का स्टॉक किसके माध्यम से आया? क्या इसकी खरीद-बिक्री से संबंधित कोई रिकॉर्ड मौजूद है? इन तमाम सवालों का जवाब अब औषधि विभाग की जांच के बाद ही सामने आएगा।
बरामद दवाओं को कब्जे में लेकर जांच शुरू
छापेमारी के दौरान बरामद बाहरी आयुर्वेदिक सिरप को औषधि निरीक्षक की टीम ने कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों द्वारा संबंधित अभिलेखों और स्टॉक की जांच की जा रही है।
यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि जन औषधि केंद्र पर निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत अथवा बाहरी दवाओं का भंडारण या बिक्री की जा रही थी, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल औषधि विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का वास्तविक रूप से उल्लंघन हुआ था या नहीं।
आम जनता को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित होता है जन औषधि केंद्र
जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य आम लोगों को जरूरी दवाएं कम कीमत पर उपलब्ध कराना है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए ऐसे केंद्र काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
ऐसे में इन केंद्रों पर दवाओं के स्टॉक, गुणवत्ता, खरीद और बिक्री से संबंधित नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी तरह की अनियमितता सीधे मरीजों और दवा व्यवस्था से जुड़ी हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जन औषधि केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल औषधि निरीक्षक की कार्रवाई के बाद मामले में जांच जारी है। बरामद आयुर्वेदिक सिरप की वैधता, उसके केंद्र तक पहुंचने, स्टॉक में शामिल किए जाने और संभावित बिक्री से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
अब देखना होगा कि जांच पूरी होने के बाद औषधि विभाग की रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या जन औषधि केंद्र पर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है।
रिपोर्ट – मंसूफ़ अहमद / उस्मान अली











