Barabanki News: बाराबंकी के पीएचसी सुबेहा में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण में डॉक्टर अकेले मरीजों का पंजीकरण, इलाज और दवा वितरण करते मिले, जबकि अधिकांश कर्मचारी नदारद रहे। जांच के आदेश जारी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच बाराबंकी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सुबेहा से स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले के दौरान निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने पाया कि अस्पताल में अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित थे और पूरा दारोमदार अकेले एक चिकित्सक पर था।
निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय कुमार जब मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का निरीक्षण करने पीएचसी सुबेहा पहुंचे तो वहां चिकित्सक डॉ. विवेक कुमार और स्वीपर सुरेश कुमार के अलावा कोई अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। फार्मासिस्ट पुष्पेंद्र तिवारी अवकाश पर बताए गए, जबकि अन्य कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले।
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि डॉ. विवेक कुमार अकेले ही मरीजों का पंजीकरण कर रहे थे, उनका उपचार कर रहे थे और स्वयं दवाइयों का वितरण भी कर रहे थे। कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण स्वास्थ्य मेले की पूरी व्यवस्था प्रभावित दिखाई दी।
लैब टेक्नीशियन नहीं मिला, मरीजों की जांच ठप
जन आरोग्य मेले में पैथोलॉजी जांच की सुविधा भी प्रभावित रही। निरीक्षण के दौरान कोई लैब टेक्नीशियन मौजूद नहीं मिला, जिसके चलते मरीजों की आवश्यक जांच नहीं हो सकी। इससे कई मरीजों को बिना जांच कराए ही वापस लौटना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाओं का प्रचार तो बड़े स्तर पर किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
अधिकारियों ने रिपोर्ट भेजने की कही बात
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अधीक्षक को भेजी जाएगी, ताकि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
चिकित्सा प्रभारी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले में चिकित्सा प्रभारी डॉ. जयशंकर पांडेय ने कहा कि लैब टेक्नीशियन सहित अन्य कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारणों की जांच कराई जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जन आरोग्य मेले के उद्देश्य पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नि:शुल्क उपचार, दवा, जांच और स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। लेकिन पीएचसी सुबेहा में सामने आई अव्यवस्था ने इस योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की अनुपस्थिति और जांच व्यवस्था ठप होने से मरीजों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि ऐसी ही स्थिति रही तो सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा।
रिपोर्ट – मंसूफ़ अहमद











