Barabanki News: फतेहपुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में छात्रों पर लाठीचार्ज, पेपर लीक, खाद संकट, अवैध खनन, जर्जर सड़कें और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ हल्लाबोल प्रदर्शन हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कई अहम मांगें उठाईं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 24 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के फतेहपुर तहसील मुख्यालय पर शुक्रवार को किसानों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जोरदार “हल्लाबोल प्रदर्शन” किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल अध्यक्ष समीर यादव ने किया। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी फतेहपुर के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, किसानों को खाद की कमी, अवैध खनन, जर्जर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और निजी विद्यालयों की मनमानी फीस जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
जंतर-मंतर लाठीचार्ज और पेपर लीक के खिलाफ सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।
NEET, CUET और SSC परीक्षाओं की CBI जांच की मांग
ज्ञापन में NEET, CUET, SSC समेत विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की समयबद्ध CBI जांच कराने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और लापरवाही का सबसे बड़ा नुकसान मेहनत करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने परीक्षा अनियमितताओं से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को—
- एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
देने की मांग भी की।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की मांग
प्रदर्शन के दौरान सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए।
ज्ञापन में मांग की गई कि—
- सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर की जाए।
- पर्याप्त दवाओं और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी बजट बढ़ाया जाए।
इसके साथ ही पर्यावरणविद् एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई की मांग भी उठाई गई।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध
प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी कृषि उत्पादों का शुल्क-मुक्त आयात हुआ तो भारतीय किसानों की आय और कृषि व्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
ज्ञापन में इस समझौते पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
किसानों को खाद संकट और कालाबाजारी से राहत दिलाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने यूरिया और डीएपी की कमी को गंभीर मुद्दा बताया।
ज्ञापन में मांग की गई कि—
- किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराई जाए।
- खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।
- दोषी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
- खाद वितरण प्रणाली की ऑनलाइन निगरानी शुरू की जाए।
फतेहपुर क्षेत्र की स्थानीय समस्याएं भी उठाईं
ज्ञापन में फतेहपुर तहसील क्षेत्र की कई स्थानीय समस्याओं का भी उल्लेख किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से—
- शेखपुर-नंदना संपर्क मार्ग का पुनर्निर्माण
- शेखपुर समेसी मोड़ पर जलभराव की समस्या
- फतेहपुर-बाबाकुटी मार्ग पर सड़क तक फैली झाड़ियों की सफाई
- बिलौली महाराज से डुडवा गांव तक खराब हैंडपंपों की मरम्मत
- संगम चौराहे से पड़री संपर्क मार्ग का निर्माण
की मांग शामिल रही।
जल जीवन मिशन और अवैध खनन की जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने जल जीवन मिशन के कार्यों में कथित घटिया सामग्री के इस्तेमाल और पाइपलाइन लीकेज की शिकायतों की थर्ड पार्टी जांच कराने की मांग की।
इसके साथ ही फतेहपुर तहसील क्षेत्र में कथित अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई गई।
निजी स्कूलों और अस्पतालों की जांच की मांग
ज्ञापन में निजी शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि—
- निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की जांच हो।
- किताबों की कालाबाजारी पर कार्रवाई की जाए।
फतेहपुर क्षेत्र के कुछ निजी अस्पतालों एवं चिकित्सकों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर जनसमस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा—
“जब छात्रों के सवालों का जवाब लाठियों से दिया जाएगा, किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ेगा और मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा, तब जनता की आवाज सड़क पर जरूर उठेगी।”
बड़ी संख्या में किसान, छात्र और स्थानीय नागरिक रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से—समीर यादव, बागी अनूप सिंह, अनुरुद्ध वर्मा, अंश वर्मा, शिवम वर्मा, अगम वर्मा, अनिल यादव, राजकुमार यादव, बबलू, प्रमोद यादव, अहाद मियां, सोनू खान, अंकुल यादव, भोला सिंह यादव, अजमेरी सहित बड़ी संख्या में किसान, छात्र और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – अनूप सिंह











