UP OTS Scheme 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में संपत्ति कर (गृहकर, जलकर, सीवरकर) के बकायेदारों के लिए OTS योजना लागू करने का निर्णय लिया है।
योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज पर 100% छूट मिलेगी तथा तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध होगी। जानिए पूरी गाइडलाइन।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 21 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों संपत्ति कर बकायेदारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। नगर विकास विभाग ने प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में संपत्ति कर (गृहकर, जलकर एवं सीवरकर) के लंबित बकाये की वसूली के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने की घोषणा की है।
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरू प्रसाद द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार यह योजना 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। योजना के तहत करदाताओं को ब्याज और सरचार्ज पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, बशर्ते वे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा बकाया जमा कर दें।
सरकार का उद्देश्य नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना, लंबित कर वसूली में तेजी लाना और करदाताओं को राहत प्रदान करना है।
किन नगर निकायों में लागू होगी OTS योजना?
प्रदेश सरकार की यह योजना सभी नगरीय निकायों में समान रूप से लागू होगी। इनमें शामिल हैं—
- 17 नगर निगम
- 200 नगर पालिका परिषद
- 545 नगर पंचायत
यानी पूरे उत्तर प्रदेश के 762 नगरीय निकाय इस योजना के दायरे में आएंगे।
ब्याज और सरचार्ज पर मिलेगी 100% छूट
शासनादेश के अनुसार OTS योजना के अंतर्गत सबसे बड़ी राहत यह होगी कि—
- गृहकर
- जलकर
- सीवरकर
पर लगाए गए ब्याज एवं सरचार्ज को पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा।
हालांकि यह छूट तभी मिलेगी जब करदाता निर्धारित अवधि के भीतर अपना पूरा मूल बकाया कर जमा कर देगा।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
सरकार ने योजना का लाभ सभी श्रेणी के संपत्ति करदाताओं को देने का निर्णय लिया है।
इसमें शामिल हैं—
- आवासीय भवन
- व्यावसायिक भवन
- मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियां
- व्यक्तिगत संपत्ति
- सरकारी संस्थान
- स्वायत्तशासी संस्थाएं
- सार्वजनिक उपक्रम (PSU)
यह योजना 1 अप्रैल 2026 तक के लंबित संपत्ति कर बकाये पर लागू होगी।
तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया
सरकार ने करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान करने की व्यवस्था की है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी करदाता पर एक लाख रुपये का बकाया है, तो—
- पहली किस्त में 30 दिनों के भीतर एक-तिहाई राशि जमा करनी होगी।
- शेष राशि अगले दो महीनों में दो समान मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी।
इस प्रकार योजना का लाभ लेने वाले प्रत्येक करदाता को अधिकतम तीन महीने के भीतर पूरा भुगतान करना अनिवार्य होगा।
आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से
OTS योजना के लिए आवेदन—
- ऑनलाइन पोर्टल
- संबंधित नगर निकाय
- ऑफलाइन आवेदन
तीनों माध्यमों से किया जा सकेगा।
नगरीय निकायों में करदाताओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे।
सरकार चलाएगी व्यापक जागरूकता अभियान
नगर विकास विभाग ने निर्देश दिए हैं कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी निकाय—
- एसएमएस भेजेंगे
- ई-मेल करेंगे
- पत्र भेजेंगे
- विशेष शिविर लगाएंगे
- गोष्ठियों का आयोजन करेंगे
- होर्डिंग लगाएंगे
- समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करेंगे।
पहले जमा की गई राशि वापस नहीं होगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि—
यदि किसी करदाता ने OTS लागू होने से पहले आंशिक अथवा पूर्ण भुगतान कर दिया है तो उसे योजना के तहत किसी प्रकार की धनवापसी नहीं मिलेगी।
आवेदन की समय-सीमा
शासनादेश के अनुसार—
- 15 अगस्त 2026 से योजना लागू होगी।
- 14 नवंबर 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे।
- सभी आवेदनों का निस्तारण 15 दिसंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
यदि निर्धारित समय में आवेदन का निस्तारण नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डिफॉल्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई
नगर विकास विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि—
जो संपत्ति कर बकायेदार OTS योजना का लाभ नहीं लेंगे और आवेदन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध योजना समाप्त होने के बाद नियमानुसार कठोर प्रवर्तन (Enforcement) कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने जारी किए निर्देश
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरू प्रसाद ने सभी नगर आयुक्तों एवं अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी साप्ताहिक और पाक्षिक समीक्षा भी नियमित रूप से की जाए।
सरकार का मानना है कि इस योजना से एक ओर जहां लाखों करदाताओं को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नगर निकायों की राजस्व वसूली में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
रिपोर्ट – नौमान माजिद












