Barabanki News: बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र के इटौंजा गांव में ग्राम सभा की जमीन पर लगे करीब 2,000 यूकेलिप्टस के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है।
विद्यालय प्रबंधक पर 12 लाख रुपये में पेड़ बेचने का आरोप लगा है। राजस्व विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 20 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के बड्डूपुर थाना क्षेत्र के इटौंजा गांव में ग्राम सभा की भूमि पर लगे हजारों यूकेलिप्टस के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। आरोप है कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इटौंजा के प्रबंधक ने ग्राम सभा की जमीन पर खड़े करीब 2,000 यूकेलिप्टस के पेड़ों को बिना सक्षम अनुमति के लगभग 12 लाख रुपये में बेच दिया। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का मामला होगा, बल्कि ग्राम सभा की संपत्ति के संरक्षण से जुड़े नियमों का भी गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
ग्राम सभा की गाटा संख्या 238 और 239 पर बना है विद्यालय
राजस्व अभिलेखों के अनुसार, जिस भूमि पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, वह गाटा संख्या 238 एवं 239 में दर्ज ग्राम सभा की भूमि है। इसी भूमि पर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इटौंजा संचालित है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने ग्राम सभा की भूमि पर लगे पेड़ों को अपनी निजी संपत्ति मानते हुए उनका सौदा कर दिया, जबकि इस संबंध में ग्राम पंचायत अथवा प्रशासन की कोई स्वीकृति नहीं ली गई।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने लगाए गंभीर आरोप
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भगौती प्रसाद ने बताया कि सोमवार को ठेकेदार द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई। उनके अनुसार अब तक लगभग आधी लकड़ी मौके से हटाई जा चुकी है, जबकि शेष पेड़ों की कटाई लगातार जारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधक अशोक कुमार ने ठेकेदार निरंकार को लगभग 12 लाख रुपये में यूकेलिप्टस के पेड़ बेच दिए।
भगौती प्रसाद का कहना है कि ग्राम सभा की भूमि पर लगे पेड़ों का स्वामित्व ग्राम सभा एवं सरकार का होता है। ऐसे पेड़ों की बिक्री या कटान के लिए सक्षम प्रशासनिक अधिकारी की अनुमति, मूल्यांकन और नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया आवश्यक होती है। यदि ऐसा नहीं किया गया है तो यह सरकारी संपत्ति के अवैध दोहन का मामला बनता है।
सूचना मिलते ही राजस्व टीम और पुलिस मौके पर पहुंची
मामले की जानकारी मिलने के बाद हल्का लेखपाल मोहित यादव तथा बड्डूपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कटान स्थल का निरीक्षण किया।
राजस्व विभाग ने भूमि के अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि पेड़ों की कटाई के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।
लेखपाल बोले- जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
हल्का लेखपाल मोहित यादव ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। राजस्व अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है और पेड़ों की कटाई की वैधता की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने डीएम से की कठोर कार्रवाई की मांग
गांव के लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि ग्राम सभा की भूमि पर खड़े सरकारी पेड़ों को बिना अनुमति बेचा गया है, तो यह सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला है। ऐसे मामलों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ग्राम सभा की अन्य संपत्तियां भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगी।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। राजस्व विभाग भूमि के स्वामित्व, पेड़ों की संख्या, कटान की वैधता और बिक्री प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेजों की पड़ताल कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेड़ों की कटाई नियमों के तहत हुई या सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का मामला है।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी











