Bahraich News: बहराइच के बॉंडी थाना क्षेत्र में घाघरा नदी में मगरमच्छ ने 12 वर्षीय बालक पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया।
ग्रामीण वीडियो बनाते रहे, जबकि 7 घंटे बाद शव बरामद हुआ। पढ़ें पूरी खबर।

बहराइच, उत्तर प्रदेश | 17 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। बॉंडी थाना क्षेत्र में घाघरा नदी किनारे धान की रोपाई के बाद हाथ-मुंह धोने गए 12 वर्षीय बालक पर मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। देखते ही देखते मगरमच्छ मासूम को अपने जबड़ों में दबोचकर नदी के बीच खींच ले गया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोग बालक को बचाने की बजाय मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद देर रात बालक का शव बरामद हुआ। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
धान की रोपाई के बाद नदी में हाथ धोने गया था बालक
जानकारी के अनुसार, बॉंडी थाना क्षेत्र के निवासी 12 वर्षीय सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। शाम को काम समाप्त होने के बाद दोनों घाघरा नदी के किनारे हाथ-पैर धोने पहुंचे।
इसी दौरान नदी में पहले से मौजूद एक मगरमच्छ अचानक पानी से बाहर निकला और सुनील पर हमला कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मगरमच्छ ने बालक को अपने मजबूत जबड़ों में दबोच लिया।
मगरमच्छ ने कई बार पटका, ग्रामीण बनाते रहे वीडियो
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मगरमच्छ बालक को जबड़ों में दबोचकर कई बार पानी में पटखनी देता रहा। मासूम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन अधिकांश लोग बालक को बचाने की बजाय मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करने में व्यस्त रहे।
कुछ ही क्षणों बाद मगरमच्छ सुनील को लेकर नदी के गहरे पानी में गायब हो गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने मौके पर मौजूद लोगों के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं।
सात घंटे बाद बरामद हुआ शव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों की मदद से कई घंटों तक नदी में तलाश अभियान चलाया गया।
करीब सात घंटे बाद देर रात सुनील का शव बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि शव का एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा मगरमच्छ के हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
माता-पिता का पहले ही हो चुका था निधन
ग्रामीणों के अनुसार सुनील के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपनी तीन बहनों का इकलौता भाई था और स्थानीय जूनियर हाईस्कूल में कक्षा 6 का छात्र था।
उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे गांव में शोक की लहर है और ग्रामीणों की आंखें नम हैं।
वन विभाग और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने घाघरा नदी किनारे मगरमच्छों की बढ़ती मौजूदगी पर चिंता जताई है। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और मगरमच्छ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट – नौमान माजिद











