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उत्तर प्रदेश के सभी मदरसों में आधार आधारित बायोमैट्रिक हाजिरी के आदेश, लेकिन बाराबंकी के अधिकांश मदरसों में अब तक नहीं हुई व्यवस्था

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उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने सभी मदरसों में आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन बाराबंकी के अधिकांश मदरसों में अब तक व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी।

जानिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने क्या कहा।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 जुलाई 2026 

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के सभी मदरसों में आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद बाराबंकी जिले के अधिकांश मदरसों में अब तक यह व्यवस्था धरातल पर लागू नहीं हो सकी है। लगभग एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो छात्रों की बायोमैट्रिक उपस्थिति शुरू हो सकी है और न ही अधिकांश मदरसों में शिक्षकों की उपस्थिति पूरी तरह आधार आधारित प्रणाली से दर्ज की जा रही है।

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से जारी आदेश के बाद बाराबंकी में व्यवस्था की धीमी प्रगति कई सवाल खड़े कर रही है।

मदरसा शिक्षा परिषद ने जारी किए थे सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ की रजिस्ट्रार/निरीक्षक अंजना सिरोही द्वारा 11 जून 2026 को प्रदेश के सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र जारी किया गया था। यह पत्र अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की समीक्षा बैठक तथा शासन के निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया था।

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पत्र में निर्देश दिए गए थे कि प्रदेश के सभी मदरसों में शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं की दैनिक उपस्थिति आधार आधारित बायोमैट्रिक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाए, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

जिन मदरसों में व्यवस्था नहीं, वहां तत्काल उपकरण लगाने के निर्देश

मदरसा शिक्षा परिषद के आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि जिन मदरसों में बायोमैट्रिक प्रणाली अभी तक स्थापित नहीं हुई है अथवा आंशिक रूप से संचालित है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक उपकरण स्थापित कर प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू कराया जाए।

साथ ही जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि वे स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें तथा किसी भी तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधा का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।

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परिषद ने यह भी स्पष्ट किया था कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बाराबंकी में अधिकांश मदरसों में अब तक नहीं शुरू हुई व्यवस्था

सरकारी आदेश जारी होने के बावजूद बाराबंकी जिले में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली का क्रियान्वयन बेहद धीमी गति से चल रहा है।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि जिले में लगभग 300 के आसपास मान्यता प्राप्त तथा 100 से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का संचालन हो रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में केवल 22 मदरसों में शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति आधार आधारित बायोमैट्रिक प्रणाली से दर्ज की जा रही है।

हालांकि छात्र-छात्राओं की आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति अभी तक जिले के किसी भी मदरसे में शुरू नहीं हो सकी है।

मदरसा संचालकों को जल्द व्यवस्था करने के निर्देश

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा के अनुसार सभी मदरसा संचालकों को अपने-अपने संस्थानों में आवश्यक उपकरण एवं आधार आधारित बायोमैट्रिक प्रणाली शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी मदरसों में व्यवस्था लागू कराई जाएगी ताकि शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति पारदर्शी तरीके से दर्ज हो सके।

क्या है बायोमैट्रिक व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य?

  • शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना।
  • छात्र-छात्राओं की वास्तविक उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना।
  • शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
  • फर्जी उपस्थिति और अनियमितताओं पर रोक लगाना।
  • शासन स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग को आसान बनाना।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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