Eastman की Bluetooth BMS ऐप में कथित सुरक्षा कमी के कारण चलते ई-रिक्शा लॉक होने की शिकायतें सामने आई हैं।
कई चालक प्रभावित हुए। कंपनी ने ऐप को Play Store से हटाकर नए सिक्योरिटी फीचर के साथ दोबारा लॉन्च करने की बात कही।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 जुलाई 2026
बाराबंकी जिले में ई-रिक्शा और ई-लोडर चालकों के लिए एक गंभीर तकनीकी समस्या सामने आई है। ई-रिक्शा बैटरी निर्माता Eastman की लिथियम बैटरियों में इस्तेमाल होने वाले Bluetooth BMS (Battery Management System) ऐप में कथित तौर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण शरारती तत्वों द्वारा चलते वाहन को मोबाइल ऐप के जरिए लॉक किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इस घटना से जिले के सैकड़ों ई-रिक्शा चालकों में दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि बैटरी की निगरानी और नियंत्रण के लिए कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए Bluetooth BMS ऐप में बैटरी और मोबाइल ऐप की पेयरिंग के दौरान पर्याप्त सुरक्षा सत्यापन (Authentication) नहीं था। इसी कथित कमी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने चलते ई-रिक्शों को बीच सड़क पर बंद करना शुरू कर दिया।
बंकी रेलवे क्रॉसिंग पर युवकों ने मिनटों में लॉक कर दिया ई-लोडर
शहर के बड़ेल निवासी मोहम्मद एजाज़ (वाहन संख्या UP 41 CT 7130) ई-लोडर (डाला) चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके ई-लोडर में Eastman कंपनी की लिथियम बैटरी लगी है। 1 जुलाई को वह भाड़ा लेकर बंकी कस्बे गए थे। वापस लौटते समय बंकी रेलवे क्रॉसिंग बंद थी और वह उसके खुलने का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान बाइक से आए दो युवकों ने उनसे कहा, “चाचा, आपका ई-लोडर लॉक कर दें क्या?”
एजाज़ ने इसे मजाक समझते हुए कहा कि “हाँ, करके दिखाओ।”
इसके बाद युवकों ने अपने मोबाइल फोन में कुछ किया और देखते ही देखते ई-लोडर लॉक हो गया। अचानक वाहन बंद हो जाने से एजाज़ हैरान रह गए। काफी अनुरोध करने के बाद युवकों ने किसी तरह वाहन को दोबारा अनलॉक किया।
कुछ ही देर बाद दोबारा बंद हुआ वाहन, सर्विस सेंटर भी नहीं पकड़ पाया खराबी
एजाज़ ने बताया कि जैसे ही वह लखपेड़ाबाग पहुंचे, उनका ई-लोडर एक बार फिर अचानक बंद हो गया। इस बार वाहन चालू नहीं हुआ, जिसके बाद उसे टोचन कर सर्विस सेंटर ले जाना पड़ा।
सर्विस सेंटर पर काफी देर तक मैकेनिक खराबी तलाशते रहे, लेकिन कोई तकनीकी फॉल्ट नहीं मिला। इसके बाद Eastman कंपनी के सर्विस सेंटर से संपर्क किया गया।
वहां से सलाह दी गई कि Bluetooth BMS ऐप डाउनलोड करके जांच की जाए कि कहीं बैटरी ऐप के माध्यम से बंद तो नहीं कर दी गई है।
जब प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर बैटरी को चेक किया गया तो पता चला कि बैटरी वास्तव में ऐप के जरिए ही लॉक कर दी गई थी।

एजाज़ अकेले नहीं, कई चालक बन चुके हैं शिकार
बताया जा रहा है कि इस तरह की घटना केवल मोहम्मद एजाज़ के साथ ही नहीं हुई। शहर के कई ई-रिक्शा और ई-लोडर चालक इसी तरह चलते वाहन के अचानक बंद हो जाने की समस्या से परेशान हो चुके हैं।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण ई-रिक्शा चालकों में डर का माहौल है। चालकों का कहना है कि यदि वाहन व्यस्त सड़क, रेलवे क्रॉसिंग या चौराहे पर अचानक बंद हो जाए तो बड़ा हादसा भी हो सकता है।
क्या है Bluetooth BMS सिस्टम?
Bluetooth BMS (Battery Management System) एक स्मार्ट तकनीक है, जो मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की निगरानी और नियंत्रण की सुविधा देती है।
इसके माध्यम से उपयोगकर्ता:
- बैटरी का चार्ज प्रतिशत (SOC) देख सकता है।
- कुल वोल्टेज और करंट की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
- बैटरी का तापमान मॉनिटर कर सकता है।
- प्रत्येक सेल का अलग-अलग वोल्टेज देख सकता है।
- बैटरी की हेल्थ (Health Status) और साइकिल काउंट की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
कुछ मॉडलों में बैटरी को लॉक या डिस्चार्ज नियंत्रण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं।

एक्सपर्ट की राय – सुरक्षा सत्यापन की कमी बनी समस्या की वजह
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि Eastman की कुछ लिथियम बैटरियों में Bluetooth BMS तो लगाया गया, लेकिन ऐप और बैटरी की पेयरिंग के दौरान मजबूत सुरक्षा प्रणाली (जैसे सीरियल नंबर, OTP या पासवर्ड आधारित ऑथेंटिकेशन) उपलब्ध नहीं थी।
यदि यह सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती है, तो कोई भी व्यक्ति बैटरी के Bluetooth सिग्नल को खोजकर उससे कनेक्ट होने का प्रयास कर सकता है। इसी कथित कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्वों द्वारा ई-रिक्शों को बीच सड़क पर बंद किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
कंपनी ने प्ले स्टोर से हटाया ऐप, जल्द आएगा नया सिक्योरिटी अपडेट
इस मामले में Eastman कंपनी के सर्विस सेंटर कर्मचारी मोहम्मद मोहसिन ने बताया कि लगातार शिकायतें मिलने के बाद संबंधित ऐप को फिलहाल Google Play Store से हटा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कंपनी अब ऐप में अतिरिक्त सुरक्षा फीचर जोड़ रही है। नए संस्करण में ऐप और बैटरी की पेयरिंग करने के लिए बैटरी का सीरियल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा, जिससे कोई भी अनधिकृत व्यक्ति बैटरी से कनेक्ट नहीं हो सकेगा।
चालकों की मांग – जल्द जारी हो सुरक्षित ऐप
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि जब तक नया और सुरक्षित ऐप उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। उन्होंने कंपनी से जल्द से जल्द सुरक्षित अपडेट जारी करने और प्रभावित चालकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











