बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के कटियारा कांड पर जनजनवादी पार्टी अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
एसपी से मुलाकात कर मजिस्ट्रियल जांच की मांग की और 13 जुलाई को डीएम कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के कटियारा गांव में 19 वर्षीय युवक की मौत के बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। जनजनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने शनिवार को कटियारा गांव पहुंचकर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मुलाकात कर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए और ग्रामीणों के कथित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने की मांग करते हुए 13 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा भी की।
कटियारा पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से मिले संजय सिंह चौहान
जनजनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कटियारा गांव पहुंचकर मृतक जितेंद्र चौहान के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने ग्रामीणों से भी बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तथा कहा कि घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
संजय सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि 19 वर्षीय जितेंद्र चौहान की हत्या के बाद सड़क जाम के दौरान पुलिस की कार्यशैली के कारण हालात बिगड़े और पुलिस-ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई। उनका आरोप है कि घटना के बाद पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि चौहान समाज के कई परिवार अपने बच्चों के साथ गांव छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। उनका यह भी आरोप है कि गांव में छोड़े गए पशु और अन्य सामान भी सुरक्षित नहीं हैं तथा पुलिस की कार्रवाई के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
“बेकसूर लोगों को पकड़कर किया जा रहा प्रताड़ित”
जनजनवादी पार्टी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस गांव में मिलने वाले लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और कई लोगों को जेल भेजा गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिस द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आई हैं।
हालांकि इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एसपी से मिलकर कार्रवाई रोकने की मांग
कटियारा गांव का दौरा करने के बाद संजय सिंह चौहान ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मुलाकात कर ग्रामीणों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और गांव का माहौल सामान्य बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई रोकी जानी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

13 जुलाई को डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान
जनजनवादी पार्टी ने घोषणा की है कि यदि घटना की निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच नहीं कराई गई और ग्रामीणों के साथ कथित उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो 13 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय, बाराबंकी के सामने विशाल धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा।
पार्टी का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा तथा न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
पार्टी के कई पदाधिकारी रहे मौजूद
कटियारा दौरे और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के दौरान जनजनवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव सत्य कुमार सिंह चौहान, प्रदेश सचिव अजय सिंह चौहान (प्रधान), अभय सिंह चौहान, सर्वेश सिंह चौहान सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुलिस ने आरोपों का किया खंडन, कहा- सिर्फ साक्ष्यों के आधार पर हो रही कार्रवाई
जनजनवादी पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस ने अपना पक्ष भी स्पष्ट किया है। रामनगर थाना प्रभारी सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि कटियारा गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अराजक गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस द्वारा केवल वीडियो फुटेज, फोटोग्राफ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर, उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार नामजद एवं चिन्हित आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं निर्दोष लोगों के साथ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
क्या था कटियारा कांड?
कटियारा गांव में बीते सोमवार को 21 वर्षीय जितेंद्र चौहान पुत्र कीड़ीलाल का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला था। मृतक के परिजनों ने युवक की प्रेमिका के परिजनों पर हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण व रिश्तेदार लखनऊ-बहरेाइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर धरने पर बैठ गए और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

सूचना पर पहुंचे रामनगर कोतवाली प्रभारी अरुण प्रताप सिंह और पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति अचानक हिंसक हो गई। उग्र भीड़ ने पुलिस पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें इंस्पेक्टर अरुण प्रताप सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव, कांस्टेबल शिवमोहन, मानवेंद्र सिंह, महिला हेड कांस्टेबल संगीता, फायरकर्मी नीरज कुमार सहित आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी और कई ग्रामीण घायल हो गए। पथराव में इंस्पेक्टर अरुण प्रताप सिंह बीच सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़े, जिन्हें साथी पुलिसकर्मियों ने सीएचसी रामनगर पहुंचाया। उपद्रव के दौरान सरकारी वाहनों सहित कई अन्य वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए और हाईवे पर घंटों यातायात पूरी तरह ठप रहा था।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / निरंकार त्रिवेदी











