बाराबंकी के मसौली क्षेत्र में कथित गौ रक्षकों की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है।
करपिया गौशाला में कथित गौ रक्षकों पर रात में जबरन घुसने की कोशिश, ग्राम प्रधान और कर्मचारियों को धमकी देने तथा सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप लगा है।
ग्राम प्रधान द्वारा मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 02 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में खुद को गौ रक्षक बताने वाले कुछ युवकों पर गुंडागर्दी, धमकी और सांप्रदायिक भाषा के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगा है। मामला मसौली थाना क्षेत्र के करपिया गौ आश्रय स्थल का है, जहां देर रात कथित गौ रक्षक गौशाला का गेट खुलवाने पर अड़ गए। जब कर्मचारियों ने प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए गेट खोलने से इनकार किया तो आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और ग्राम प्रधान के खिलाफ आपत्तिजनक एवं सांप्रदायिक टिप्पणियां कीं। अब इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।
रात में गौशाला का गेट खुलवाने पहुंचे कथित गौ रक्षक
शिकायत के अनुसार, 26 जून 2026 की रात करीब 9 बजे खुद को सनातन हिंदू सेना दल का बाराबंकी जिलाध्यक्ष बताने वाला आदर्श शुक्ला अपने सहयोगियों पीयूष वर्मा, सुमित यादव और तीन-चार अन्य लोगों के साथ ग्राम पंचायत करपिया स्थित गौ आश्रय स्थल पहुंचा।
आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद केयरटेकर बाबूलाल और वेद प्रकाश पर गौशाला का गेट तत्काल खोलने का दबाव बनाया।
केयरटेकर ने डीएम की अनुमति का हवाला दिया, तो शुरू हुई गाली-गलौज
केयरटेकरों ने कथित गौ रक्षकों से कहा कि रात्रि में जिलाधिकारी की अनुमति के बिना गौशाला का गेट नहीं खोला जा सकता और यदि निरीक्षण करना है तो दिन में आएं।
इस पर आरोप है कि आदर्श शुक्ला और उसके साथी भड़क गए तथा कर्मचारियों को गंदी-गंदी गालियां देने लगे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्होंने कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी भी दी।
ग्राम प्रधान से फोन पर हुई बातचीत में सांप्रदायिक टिप्पणी का आरोप
केयरटेकरों ने जब ग्राम प्रधान विनोद कुमार वर्मा से मोबाइल पर उनकी बात कराई तो प्रधान ने बताया कि वह उस समय ताज़िया जुलूस में व्यस्त हैं और अगले दिन आने को कहा।
शिकायत के अनुसार, इस पर आदर्श शुक्ला ने सांप्रदायिक एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि “मुल्लों के धर्म में जाते हो, सनातन धर्म की बात करने से फटती है, घर से उठवाकर जान से मार देंगे।”
ग्राम प्रधान का कहना है कि इस घटना के बाद वह और उनका परिवार भय और तनाव में है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, प्रधान पर भी की गई आपत्तिजनक टिप्पणी
आरोप है कि घटना के बाद कथित गौ रक्षकों ने गौशाला के बाहर खड़े होकर वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में ग्राम प्रधान के खिलाफ आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणियां की गईं।
इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई।

स्थानीय पत्रकार ने पुलिस को टैग कर कार्रवाई की मांग की
स्थानीय पत्रकार अंकित यादव ने वायरल वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा करते हुए बाराबंकी पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस को टैग किया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए क्योंकि इस तरह की भाषा और गतिविधियां भविष्य में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकती हैं। उन्होंने कानून और संविधान का पालन करते हुए कार्रवाई की मांग की।

वीडियो हटाने का दबाव, ऑडियो भी वायरल होने का दावा
समाचार के अनुसार, पोस्ट वायरल होने के बाद खुद को सनातन हिंदू सेना दल का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बताने वाले महेंद्र भारद्वाज समेत संगठन के कई पदाधिकारियों ने कथित तौर पर पत्रकार अंकित यादव पर वीडियो हटाने का दबाव बनाया।
बताया जा रहा है कि इस दौरान हुई बातचीत में भी मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पत्रकार और संगठन के पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत की कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

ग्राम प्रधान ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की
ग्राम प्रधान विनोद कुमार वर्मा ने बुधवार को मसौली थाना पहुंचकर लिखित तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद











