बाराबंकी के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक अजय कुमार पाण्डेय के खिलाफ चेक बाउंस मामले में एसीजेएम-48 ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
डेढ़ लाख रुपये उधार लेने, चेक बाउंस होने और कोर्ट में पेश न होने पर हुई कार्रवाई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 30 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक (बाबू) अजय कुमार पाण्डेय के खिलाफ चेक बाउंस मामले में न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत द्वारा कई बार समन और जमानती वारंट जारी किए जाने के बावजूद अदालत में उपस्थित न होने पर एसीजेएम-48 ने उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 8 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
डेढ़ लाख रुपये उधार लेने के बाद दिया चेक, बैंक से हुआ बाउंस
मामले के अनुसार, नगर कोतवाली क्षेत्र के चित्रगुप्त नगर निवासी वरुण मिश्रा ने आरोप लगाया है कि करीब एक वर्ष पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत अजय कुमार पाण्डेय ने उनसे 1.50 लाख रुपये उधार लिए थे।
पीड़ित का आरोप है कि काफी समय तक रुपये वापस नहीं किए गए। लगातार तकादा करने के बाद आरोपी ने केवल 37 हजार रुपये लौटाए, जबकि शेष राशि के भुगतान के लिए एक चेक दिया। जब पीड़ित ने उक्त चेक बैंक में प्रस्तुत किया तो वह बाउंस हो गया।
एनआई एक्ट के तहत कोर्ट में दाखिल हुआ मुकदमा
चेक बाउंस होने के बाद पीड़ित वरुण मिश्रा ने आरोपी के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा के तहत न्यायालय में परिवाद दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी को तलब करने के लिए समन जारी किए, लेकिन वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
समन और जमानती वारंट की भी नहीं हुई तामील
अदालत ने आरोपी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनके कार्यालय के पते पर जमानती वारंट भी जारी किया। इसके बावजूद अजय कुमार पाण्डेय न्यायालय में पेश नहीं हुए।
लगातार न्यायालय की अवहेलना को देखते हुए एसीजेएम-48 ने उनके खिलाफ गैर-जमानती (NBW) गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
कार्यालय और पैतृक पते पर भेजा गया गिरफ्तारी वारंट
न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट आरोपी के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, बाराबंकी के पते के साथ-साथ उनके पैतृक निवास, जनपद सुल्तानपुर पर भी भेजा है।
अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि आरोपी को गिरफ्तार कर 8 जुलाई 2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
सरकारी कर्मचारी पर कार्रवाई से विभाग में चर्चा
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी चर्चा का माहौल है। न्यायालय की कार्रवाई के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपी निर्धारित तिथि पर अदालत में पेश होते हैं या पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करती है।
कोर्ट के आदेश के बाद आगे क्या होगा?
यदि आरोपी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ आगे और कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











