बाराबंकी के त्रिवेदीगंज में मोहित बाजपेयी की हत्या के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
परिजनों ने बहनोई और उसके साथियों पर लोहे की रॉड से पीटने और ‘अपर जिला जज’ लिखी कार से कुचलकर हत्या करने का आरोप लगाया।
आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 25 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के त्रिवेदीगंज ब्लॉक स्थित कोलाहदा गांव के बाजीलाल का पुरवा में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब युवक मोहित बाजपेयी का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा, क्षेत्राधिकारी (सीओ) समीर सिंह और कोतवाल अनिल कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर उन्हें न्याय दिलाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद देर शाम मोहित का अंतिम संस्कार कराया गया।

बहन के ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप
मृतक के परिजनों के अनुसार, मोहित बाजपेयी की बहन का विवाह करीब तीन वर्ष पूर्व कोठी थाना क्षेत्र के टिकैतनपुरवा गांव में हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद बहन और उसके पति के बीच विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद वह अपने मायके में रहने लगी थी।
परिजनों का आरोप है कि इसी विवाद को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। बुधवार को मोहित के बहनोई ने उसे फोन कर बताया कि उसकी बहन से जुड़े एक मुकदमे की पेशी बाराबंकी न्यायालय में है और उसे वहां पहुंचना होगा।
कोर्ट में नहीं थी कोई पेशी, फिर घर बुलाकर किया हमला
परिजनों का कहना है कि मोहित अपनी बहन के साथ बाराबंकी न्यायालय पहुंचा, लेकिन वहां किसी प्रकार की कोई पेशी निर्धारित नहीं थी। इसके बाद बहनोई ने फोन कर उसे अपने घर आकर बातचीत करने के लिए बुलाया।
आरोप है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। बहनोई और उसके साथियों ने रास्ते में मोहित को घेर लिया और पहले लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा। जब वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा तो आरोपियों ने कथित रूप से “अपर जिला जज” लिखी नंबर प्लेट वाली कार से उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

गांव में तनाव, पुलिस पर कार्रवाई का दबाव
मोहित की मौत के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मृतक के घर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि हत्या के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस ने संबंधित मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग पुलिस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











