बाराबंकी जिला कारागार का जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव, डीएम ईशान प्रताप सिंह और एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया।
सुरक्षा, स्वच्छता, बंदियों की सुविधाओं और गर्मी से बचाव के इंतजामों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 15 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सोमवार को जिला कारागार का उच्चस्तरीय औचक निरीक्षण किया गया। जिला न्यायाधीश श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव, जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने संयुक्त रूप से जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा गर्मी से बचाव के इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्य प्रवेश द्वार से बैरकों तक व्यवस्थाओं की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले जिला कारागार के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद जेल परिसर का भ्रमण करते हुए स्वच्छता, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने महिला एवं पुरुष बैरकों का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान पेयजल, भोजन, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति को विस्तार से परखा गया।
गर्मी से बचाव के इंतजामों पर विशेष जोर
वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए निरीक्षण टीम ने बंदियों के लिए किए गए विशेष इंतजामों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने गर्मी से बचाव के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक सुविधाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जाएं।
उन्होंने कहा कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए बंदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
बंदियों से संवाद कर जानी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान जिला जज, डीएम और एसपी ने बंदियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों की जानकारी भी प्राप्त की। अधिकारियों ने बंदियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि कारागार में सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित रूप से संचालित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुधा सिंह, जेल अधीक्षक कुंदन कुमार, जेलर सहित कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











