बाराबंकी के रामपुर मजरे चचेरुवा स्थित श्री स्वामी रामताराम चतुर्भुज मंदिर के संतों और पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर मंदिर से जुड़े विवादों, शिकायतों और सोशल मीडिया पर चल रहे कथित दुष्प्रचार पर अपना पक्ष रखा।
मंदिर प्रबंधन ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन पर भरोसा जताया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 जून 2026
बाराबंकी जनपद के रामपुर मजरे चचेरुवा स्थित श्री स्वामी रामताराम चतुर्भुज मंदिर (पूर्वी गद्दी) के संतों एवं पदाधिकारियों ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में मंदिर से जुड़े विवादों, विभिन्न विभागों में की गई शिकायतों तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक सूचनाओं को लेकर अपना पक्ष सार्वजनिक किया। मंदिर प्रबंधन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग करते हुए प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया पर पूर्ण विश्वास जताया।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार 11 जून 2026 को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक बाराबंकी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें मंदिर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने, प्रशासन को गुमराह करने और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करने के प्रयासों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
मंदिर की छवि धूमिल करने का लगाया आरोप
पत्रकार वार्ता के दौरान मंदिर प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा लगातार विभिन्न सरकारी विभागों में शिकायतें भेजी जा रही हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर ऐसी जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिनसे मंदिर और उससे जुड़े संतों की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मंदिर पक्ष का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास कोई वैध दस्तावेज, प्रमाण या साक्ष्य हैं तो उन्हें सक्षम न्यायालय अथवा प्रशासनिक मंच पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जनभावनाओं को प्रभावित करने और भ्रम फैलाने का प्रयास उचित नहीं है।
धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है मंदिर
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि श्री स्वामी रामताराम चतुर्भुज मंदिर वर्षों से धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, भंडारे, जनसेवा कार्यक्रम तथा विभिन्न सामाजिक आयोजन होते रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
प्रशासन से गहन जांच और कार्रवाई की मांग
मंदिर से जुड़े संतों एवं पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों, प्रस्तुत दस्तावेजों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर असत्य तथ्यों का प्रचार-प्रसार कर रहा है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
मंदिर प्रबंधन ने कहा कि वे किसी भी जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं और चाहते हैं कि पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आए।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
पत्रकार वार्ता के दौरान मंदिर प्रबंधन ने धार्मिक स्थलों को विवादों से दूर रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और धार्मिक सद्भाव को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
मंदिर से जुड़े संतों और पदाधिकारियों ने सभी पक्षों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी विवाद का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर मंदिर से जुड़े संत, पदाधिकारी, श्रद्धालु एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











