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बाराबंकी पुलिस की इंसानियत बनी मिसाल: 24 घंटे से भटक रहे 11 वर्षीय मासूम को परिजनों से मिलाया, पुलिसकर्मियों ने अपने पैसे से दिलाए कपड़े; घर लौटने का दिया किराया

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बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने 24 घंटे से लापता 11 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बरामद कर परिजनों से मिलाया। पुलिसकर्मियों ने अपनी जेब से बच्चे के लिए कपड़े, चप्पल खरीदे और घर लौटने का किराया भी दिया। पढ़ें पूरी खबर।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पुलिस का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला है। मसौली थाना पुलिस ने घर से भटककर बाराबंकी पहुंच गए एक 11 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित खोजकर उसके परिजनों से मिलाया। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने बच्चे और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपनी जेब से नए कपड़े, चप्पलें खरीदकर दीं और घर लौटने के लिए किराए की भी व्यवस्था की। पुलिस की इस सराहनीय पहल की क्षेत्रभर में चर्चा हो रही है।

रात में हाईवे पर भटकता मिला डरा-सहमा बच्चा

जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात थाना मसौली क्षेत्र में लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़ा गांव मोड़ पर पिकेट ड्यूटी के दौरान आरक्षी प्रदीप यादव, शिवकुमार, विजय सिंह और आकाश दूरवार को एक 11 वर्षीय बच्चा अकेले घूमता हुआ दिखाई दिया। बच्चा काफी घबराया हुआ था और अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था।

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पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और थाना मसौली ले आए। वहां उसे भोजन कराया गया तथा प्यार से बातचीत कर उसकी जानकारी जुटाई गई।

अयोध्या से भटककर पहुंच गया था बाराबंकी

पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम रंगू गौस्वामी पुत्र सुंदरलाल निवासी प्रभात का पुरवा, डेली सरैया, देमोही (अयोध्या जनपद) बताया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि वह घर से नहाने के लिए निकला था, लेकिन रास्ता भटक गया और किसी बस में बैठकर बाराबंकी क्षेत्र में पहुंच गया।

इसके बाद मसौली पुलिस ने तत्काल बच्चे के परिजनों का पता लगाकर उनसे संपर्क स्थापित किया और उन्हें बच्चे के सुरक्षित मिलने की सूचना दी।

मां और भाई से मिलते ही भावुक हुआ बच्चा

गुरुवार दोपहर बच्चे की मां विमला देवी और भाई सचिन गोस्वामी थाना मसौली पहुंचे। करीब 24 घंटे बाद अपने परिवार को सामने देखकर बच्चा भावुक हो गया। वहीं मां और भाई भी बच्चे को सुरक्षित पाकर राहत महसूस करने लगे।

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थाने में मौजूद लोगों ने इस भावुक पल को देखा तो उनकी आंखें भी नम हो गईं।

पुलिसकर्मियों ने पेश की मानवता की मिसाल

अपनी जेब से दिलाए कपड़े, चप्पल और घर लौटने का किराया

जब पुलिसकर्मियों को पता चला कि बच्चे का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, तो उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए बच्चे के लिए अपनी जेब से नए कपड़े और चप्पलें खरीदकर दीं। इसके अलावा बच्चे के बाल भी कटवाए गए।

पुलिसकर्मियों ने परिवार को भोजन कराया और घर वापस लौटने के लिए आवश्यक किराए की व्यवस्था भी स्वयं की।

मसौली पुलिस की सराहना कर रहे क्षेत्रवासी

मसौली पुलिस की इस संवेदनशील कार्यशैली की क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का ऐसा मानवीय चेहरा समाज में विश्वास बढ़ाने का काम करता है। आमतौर पर पुलिस की सख्ती की खबरें सामने आती हैं, लेकिन इस घटना ने साबित किया है कि खाकी वर्दी के पीछे संवेदनशील दिल भी धड़कता है।

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पीड़ित परिवार ने मसौली पुलिस के सभी जवानों का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया और कहा कि पुलिस की मदद के बिना उनके बच्चे का मिलना संभव नहीं था।

रिपोर्ट – नूर मोहम्मद 

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Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

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