उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने बाराबंकी जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड सेवाओं, दवा उपलब्धता, कर्मचारियों की उपस्थिति और साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा की गई।
मरीजों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानी गई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 जून 2026
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने गुरुवार को बाराबंकी जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, प्रसूति वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण केंद्र, साफ-सफाई व्यवस्था तथा कर्मचारियों की उपस्थिति की बारीकी से जांच की।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई और अधिकारी व्यवस्थाओं को लेकर सक्रिय नजर आए।
उपस्थिति पंजिका में मिली अनियमितता, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान चारू चौधरी ने अस्पताल की उपस्थिति पंजिका की जांच की। इस दौरान पाया गया कि कई कर्मचारियों ने निर्धारित समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं की थी।
इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी ड्यूटी पर आने और जाने के समय नियमित रूप से उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में अनुशासन और समयबद्धता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण आधार है।
गर्भवती महिलाओं से सीधे बातचीत कर जानी हकीकत
निरीक्षण के दौरान राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों से सीधे संवाद किया। उन्होंने सफदरगंज निवासी गायत्री देवी, देवा निवासी संगीता सहित कई महिलाओं से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
चारू चौधरी ने मरीजों से पूछा कि अस्पताल में साफ-सफाई, बेडशीट, दवा और उपचार संबंधी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध हो रही हैं या नहीं। उन्होंने यह भी जानने का प्रयास किया कि उनके निरीक्षण से पहले विशेष सफाई अभियान चलाया गया था अथवा अस्पताल में सामान्य रूप से ही ऐसी व्यवस्थाएं रहती हैं।
मरीजों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

अल्ट्रासाउंड सेवाओं को लेकर मांगा जवाब
निरीक्षण के दौरान कुछ मरीजों द्वारा अस्पताल के बाहर अल्ट्रासाउंड जांच कराने की जानकारी मिलने पर चारू चौधरी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे किसी भी महिला को अस्पताल के बाहर निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड अथवा अन्य आवश्यक जांच कराने के लिए मजबूर न होना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला महिला चिकित्सालय में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सभी आवश्यक जांच सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
आवश्यक दवाओं की कमी मिलने पर तत्काल उपलब्धता के निर्देश
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली दो महत्वपूर्ण दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं थीं।
इस पर महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को सभी जरूरी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि उन्हें बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता न पड़े।
हर महीने 500 से अधिक प्रसव, सीएमएस ने दी जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने निरीक्षण के दौरान बताया कि जिला महिला चिकित्सालय में प्रतिमाह 500 से अधिक प्रसव कराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नवजात शिशुओं और प्रसूताओं की देखभाल के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।
महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने पर दिया जोर
चारू चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल आने वाली महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, निःशुल्क जांच, सुरक्षित प्रसव सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों तथा उपलब्ध दवाओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई महिलाएं सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाती हैं। इसलिए अस्पताल प्रशासन को सूचना प्रसार और जनजागरूकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

अधिकांश व्यवस्थाएं मिलीं संतोषजनक, कमियां दूर करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। हालांकि कुछ बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता महसूस की गई, जिस पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन के अलावा चौकी प्रभारी पप्पू यादव, महिला थाना प्रभारी कुमारी रतन सिंह सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान












