बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव में पिपरमिंट पिराई के दौरान मेंथा टंकी में जोरदार विस्फोट हो गया।
हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को देवा सीएचसी से लखनऊ रेफर किया गया, जहां एक युवती की हालत नाजुक बनी हुई है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 10 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के देवा थाना क्षेत्र अंतर्गत हाजीपुर गांव में बुधवार दोपहर पिपरमिंट (मेंथा) की पिराई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। खेत में संचालित मेंथा टंकी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई, जिससे आसपास काम कर रहे लोग खौलते पानी और भाप की चपेट में आ गए। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े और तत्काल पुलिस तथा एम्बुलेंस को सूचना दी गई। सभी घायलों को पहले देवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया गया।
खेत में चल रही थी पिपरमिंट की पिराई, तभी हुआ जोरदार धमाका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाजीपुर गांव निवासी राममिलन यादव के खेत में बुधवार को मेंथा की पिराई का कार्य चल रहा था। खेत में स्थापित मेंथा टंकी में फसल से तेल निकालने की प्रक्रिया जारी थी। इसी दौरान दोपहर लगभग ढाई बजे अचानक टंकी में तेज विस्फोट हो गया।
धमाका इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। विस्फोट के बाद टंकी से निकला खौलता पानी और गर्म भाप वहां काम कर रहे लोगों पर गिर गई, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए।

महिलाएं और बच्चे भी हादसे की चपेट में आए
हादसे में राममिलन यादव के पुत्र धर्मेंद्र यादव (24 वर्ष), सत्यम (14 वर्ष), पुत्री नेहा (22 वर्ष) पत्नी रोहित कुमार, गांव निवासी रुक्मणी देवी (40 वर्ष) पत्नी पवन कुमार तथा उनकी पुत्री रिमझिम (12 वर्ष) गंभीर रूप से झुलस गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
ग्रामीणों की मदद से घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवा मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल देवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुके थे, जिसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया।
नेहा की हालत बेहद गंभीर, ट्रामा सेंटर भेजा गया
चिकित्सकों के अनुसार घायलों में नेहा की हालत सबसे अधिक गंभीर पाई गई। उसे तत्काल लखनऊ मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है।
वहीं अन्य घायलों का इलाज लखनऊ के सिविल अस्पताल में जारी है। सभी की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
मेंथा टंकियों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्र में संचालित मेंथा टंकियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मेंथा पिराई के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन कराया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घटना की जांच कर विस्फोट के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
रिपोर्ट – मंसूफ़ अहमद











