उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा से मुलाकात की।
टीईटी प्रकरण, पुरानी पेंशन, अर्जित अवकाश और अंतर्जनपदीय स्थानांतरण सहित शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
अपर मुख्य सचिव ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 08 जून 2026
प्रदेश के शिक्षकों की लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को लखनऊ में अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय मिश्रा एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार तिवारी ने किया।
बैठक के दौरान शिक्षकों के सेवा संबंधी विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग उठाते हुए शिक्षकों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव अपर मुख्य सचिव के समक्ष रखे।
टीईटी प्रकरण में शीघ्र राहत देने की उठाई मांग
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से सेवारत एवं अनिवार्य टीईटी प्रकरण से प्रभावित शिक्षकों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की। संगठन का कहना था कि इस मामले में लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
शिक्षक संघ ने मांग की कि सरकार इस विषय में जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षकों की चिंताओं को दूर करे।
ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को मिले अर्जित अवकाश
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश के दौरान शिक्षकों से लिए जा रहे शासकीय कार्यों का भी रहा।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जनगणना, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR), निर्वाचन कार्यों तथा अन्य सरकारी दायित्वों में लगाए गए शिक्षकों को उनके कार्य के बदले अर्जित अवकाश (Earned Leave) प्रदान किया जाए।
शिक्षक नेताओं का कहना था कि अवकाश अवधि में भी शिक्षकों से लगातार सरकारी कार्य कराए जाते हैं, इसलिए उन्हें नियमानुसार अर्जित अवकाश का लाभ मिलना चाहिए।
पुरानी पेंशन योजना लागू करने की भी उठी मांग
बैठक के दौरान शिक्षक संघ ने 01 अप्रैल 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस संबंध में शासनादेश जारी कर ऐसे शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाया जाना चाहिए, जिससे उनके भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति में संशोधन की मांग
शिक्षक संघ ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि सभी इच्छुक शिक्षकों को आवेदन करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
पदाधिकारियों का कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में कई शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया से वंचित रह जाते हैं। इसलिए नियमों में आवश्यक संशोधन कर अधिक से अधिक शिक्षकों को इसका लाभ दिया जाना चाहिए।
अपर मुख्य सचिव ने दिया सकारात्मक आश्वासन
बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार की मंशा किसी भी शिक्षक का अहित करने की नहीं है और सभी मामलों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश के दौरान शिक्षकों द्वारा किए गए शासकीय कार्यों के एवज में अर्जित अवकाश प्रदान किए जाने संबंधी मांग पर भी नियमानुसार विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बाराबंकी सहित कई जिलों के पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारियों के साथ जनपद बाराबंकी के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश संयुक्त महामंत्री अमित सिंह, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद बाराबंकी के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, जिला संयुक्त मंत्री बलवंत सिंह (गोंडा), राजीव सिंह लोहिया, मंजूर इलाही सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा: शिक्षक संघ
बैठक के बाद शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों, सम्मान और सेवा हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संगठन लगातार शासन और प्रशासन के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखता रहेगा तथा जब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता तब तक प्रयास जारी रहेंगे।
रिपोर्ट – नौमान माजिद











