बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में वन विभाग ने जीवित अजगर के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय भेजने की कार्रवाई की गई।
डीएफओ आकाश दीप बधावन के नेतृत्व में वन विभाग की बड़ी सफलता।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। बाराबंकी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) आकाश दीप बधावन के निर्देशन में रामनगर रेंज की टीम ने एक व्यक्ति को जीवित अजगर के साथ पकड़कर उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई को वन्यजीव तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
ग्राम भगौतीपुर में सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम
वन विभाग को रविवार 07 जून 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम भगौतीपुर में एक व्यक्ति के पास जीवित अजगर मौजूद है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और तत्काल मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान टीम ने एक व्यक्ति को एक जीवित अजगर के साथ पकड़ लिया। वन अधिकारियों ने अजगर को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित संरक्षण में रखा तथा आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में उड़ीसा का निवासी निकला आरोपी
वन विभाग के अनुसार पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम राजू पुत्र खेला निवासी भितरकनिका, जनपद जाजपुर (उड़ीसा) बताया। आरोपी से यह जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह अजगर को कहां से लेकर आया था और उसका उद्देश्य क्या था।
वन विभाग को आशंका है कि मामला वन्यजीवों के अवैध परिवहन अथवा तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। इसी दृष्टि से मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज
वन विभाग ने आरोपी के विरुद्ध वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48ए एवं 51 के अंतर्गत वन अपराध संख्या 21/2026-27 पंजीकृत किया है।
अधिकारियों के अनुसार आरोपी को विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
संरक्षित प्रजाति है अजगर, अवैध कब्जा गंभीर अपराध
वन अधिकारियों ने बताया कि अजगर भारतीय वन्यजीव संरक्षण कानून के अंतर्गत संरक्षित प्रजातियों में शामिल है। किसी भी संरक्षित वन्यजीव का शिकार करना, पकड़ना, रखना, खरीद-फरोख्त करना, परिवहन करना अथवा उसके व्यापार में संलिप्त होना कानूनन दंडनीय अपराध है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
डीएफओ के नेतृत्व में लगातार चल रहा संरक्षण अभियान
बाराबंकी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आकाश दीप बधावन के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा अवैध शिकार, वन्यजीव तस्करी और संरक्षित जीवों के अवैध व्यापार पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
वन विभाग का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कार्रवाई में शामिल रही यह टीम
इस अभियान में उप क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोज कुमार यादव, वन दरोगा सचिन पटेल, वन रक्षक रमन तिवारी तथा न्यूनतम वेतन कर्मचारी रामानंद सहित रामनगर रेंज की टीम सक्रिय रूप से शामिल रही।
वन विभाग ने लोगों से की सहयोग की अपील
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीवों के अवैध शिकार, तस्करी, परिवहन या संरक्षण से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से ही वन्यजीवों की सुरक्षा और जैव विविधता के संरक्षण के लक्ष्य को प्रभावी रूप से पूरा किया जा सकता है।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी











