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बाराबंकी में अवैध प्लाटिंग पर फिर गरजा बुलडोजर: IAS गुंजिता अग्रवाल की बड़ी कार्रवाई, समर्थ इंफ्रा और गोल्डमार इंफ्रा की प्लाटिंग ध्वस्त

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बाराबंकी में एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देश पर अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई।

ग्राम खजूरगांव में समर्थ इंफ्रा और गोल्डमार इंफ्रा की बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लाटिंग पर चला बुलडोजर।

प्रशासन ने भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की सदर तहसील में अवैध प्लाटिंग और भू-माफियाओं के खिलाफ चलाया जा रहा प्रशासनिक अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। आईएएस अधिकारी एवं जॉइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी गुंजिता अग्रवाल के नेतृत्व में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए और निर्धारित मानकों का पालन किए बिना विकसित की जा रही कॉलोनियों और प्लाटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। प्रशासन की लगातार कार्रवाई से अवैध प्लाटिंग के कारोबार से जुड़े बिल्डरों और भूमाफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

इसी क्रम में गुरुवार को एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने ग्राम खजूरगांव में चल रही अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया और अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित विकासकर्ताओं द्वारा बिना आवश्यक स्वीकृतियों और मानचित्र अनुमोदन के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी, जो नियमों के विपरीत पाई गई।

समर्थ इंफ्रा और गोल्डमार इंफ्रा की प्लाटिंग पर चला बुलडोजर

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ग्राम खजूरगांव की गाटा संख्या 1391, 1392, 1269, 1352, 1441, 1446, 1348 तथा 1274 पर समर्थ इंफ्रा और गोल्डमार इंफ्रा द्वारा प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। जांच के दौरान पाया गया कि इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृति और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था।

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एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि दोनों विकासकर्ताओं के निदेशकों को नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के उपरांत ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया।

न्यायालय के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर अवैध प्लाटिंग नहीं हटाई गई। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की सहायता से दोनों अनधिकृत प्लाटिंग को ध्वस्त करा दिया।

कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।

BNS की धारा 161 के तहत की गई कार्रवाई

एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 161 के अंतर्गत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के विकसित की जा रही कोई भी प्लाटिंग अवैध मानी जाएगी और ऐसे मामलों में भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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उन्होंने कहा कि तहसील क्षेत्र में भू-उपयोग नियमों के उल्लंघन, अवैध प्लाटिंग और सरकारी भूमि पर कब्जे के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रत्येक मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पहले भी कई बड़ी अवैध प्लाटिंग पर हो चुकी है कार्रवाई

गौरतलब है कि यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देश पर सदर तहसील क्षेत्र में कई अवैध प्लाटिंग परियोजनाओं के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जा चुकी है।

इनमें ग्राम लक्षबर बजहा की गाटा संख्या 631, 653, 635 और 636 पर श्री कैप एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड की अनधिकृत प्लाटिंग, ग्राम सिपहिया की गाटा संख्या 1277 पर एम.एस. ग्रीन सिटी की अवैध प्लाटिंग, ग्राम नानमऊ की गाटा संख्या 29, 35, 36, 39 और 41 पर स्टालिन इंफ्रा डेवलपर्स द्वारा विकसित की जा रही प्लाटिंग तथा ग्राम बड़ेल में समृद्धि इंफ्राटेक की अनियमित प्लाटिंग के खिलाफ भी प्रशासन कार्रवाई कर चुका है।

लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट संकेत मिला है कि तहसील प्रशासन अवैध प्लाटिंग के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है।

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भू-माफियाओं में मचा हड़कंप, प्रशासन ने दी चेतावनी

बाराबंकी में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई से बिल्डरों और भू-माफियाओं में बेचैनी बढ़ गई है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना वैधानिक स्वीकृति के कोई भी व्यक्ति या संस्था कॉलोनी अथवा प्लाटिंग विकसित करने का प्रयास न करे।

प्रशासन की सख्ती को आम नागरिक भी सकारात्मक कदम मान रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे अनियोजित और अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी तथा भूमि खरीदने वाले लोगों को भविष्य में कानूनी परेशानियों से बचाया जा सकेगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे मामलों की पहचान कर व्यापक स्तर पर कार्रवाई जारी रहेगी।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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