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बाराबंकी में ‘हर घर जल’ योजना पर सवाल: अधूरी पड़ी पानी की टंकियां बनीं खंडहर, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता और विभागीय कार्यशैली पर सवाल

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बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकियां वर्षों बाद भी अधूरी पड़ी हैं।

टंकियों में दरारें पड़ रही हैं, सरिया जंग खा रही है और ग्रामीणों को अब तक ‘हर घर जल’ योजना का लाभ नहीं मिल सका है।

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 02 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन (हर घर जल) योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पानी की टंकियों और पाइपलाइन नेटवर्क का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन कई वर्षों बाद भी कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। हालात यह हैं कि जिन टंकियों से हजारों ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति होनी थी, वे निर्माण पूरा होने से पहले ही जर्जर होने लगी हैं। टंकियों के छज्जे टूट रहे हैं, दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और निर्माण में प्रयुक्त सरिया जंग खा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई वर्षों पहले शुरू हुए निर्माण कार्य आज तक पूरे नहीं हो सके हैं। न तो टंकियों का निर्माण पूर्ण हुआ और न ही अधिकांश गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया गया। नतीजतन लोगों को अब भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

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निर्माण पूरा होने से पहले ही टूटने लगीं टंकियां

क्षेत्र के ग्रामीणों के अनुसार श्यामनगर तेतारपुर में निर्माणाधीन पानी की टंकी से ठाकुरपुर, रूपपुर सहित आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों में पेयजल आपूर्ति की जानी थी। लेकिन परियोजना की धीमी रफ्तार और लापरवाही के कारण आज तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।

ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी पड़ी टंकियों के छज्जे टूटने लगे हैं, दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं और निर्माण में प्रयुक्त लोहे की सरिया जंग खा रही है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह परियोजना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है।

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कई गांवों में नहीं बिछी पाइपलाइन, कहीं पहुंच ही नहीं रहा पानी

ग्रामीणों ने बताया कि जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन डाली जानी थी, वहां अब तक कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। वहीं कुछ स्थानों पर पाइपलाइन बिछाई भी गई है तो वहां पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में भूजल स्तर नीचे जाने और हैंडपंपों के जवाब देने से पेयजल संकट और अधिक गहरा गया है। ऐसे में जल जीवन मिशन से लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है।

ग्रामीणों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता और विभागीय कार्यशैली पर सवाल

क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘हर घर जल’ योजना का लाभ अभी तक ग्रामीणों को नहीं मिल सका है और योजना कई स्थानों पर केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता और निर्माण कार्यों में देरी के कारण लोगों को आज भी पुराने संसाधनों के भरोसे रहना पड़ रहा है। वहीं अधूरी परियोजनाएं सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी पैदा कर रही हैं।

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जिला प्रशासन से की गई त्वरित हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जल जीवन मिशन के तहत अधूरी पड़ी सभी पानी की टंकियों का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। साथ ही जिन गांवों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है वहां जल्द कार्य शुरू कराकर प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में क्षेत्र में पेयजल संकट और गंभीर रूप ले सकता है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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