बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पिता ने पत्नी समेत कई लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री, DGP और एसपी को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने व निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 31 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के पिता ने अपने पुत्र की मौत को संदिग्ध बताते हुए उसकी पत्नी समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पिता ने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक (DGP) और बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर मामले में एफआईआर दर्ज करने तथा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पत्नी को विदा कराने गया था युवक, अगले दिन हो गई मौत
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के ग्राम तिलरन निवासी हनुमान प्रसाद के अनुसार उनका पुत्र अनुज कुमार 16 मई 2026 को अपनी पत्नी सोनम को विदा कराने के लिए ससुराल ग्राम अमेरा गया था। आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद अनुज के साथ मारपीट की गई।
परिजनों का दावा है कि घटना के दौरान अनुज को कोई जहरीला पदार्थ भी दिया गया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूरतगंज ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल बाराबंकी रेफर कर दिया। बाद में हालत और बिगड़ने पर उसे लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया, जहां 17 मई 2026 को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार
मृत्यु के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि, मृतक के पिता का कहना है कि उनके पुत्र की मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।
पिता ने पत्नी और अन्य लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
हनुमान प्रसाद ने अपने शिकायती पत्र में मृतक की पत्नी सोनम तथा अन्य संबंधित लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मृतक के मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाए, जिससे घटना की वास्तविकता सामने आ सके।
पीड़ित पिता का कहना है कि उनके पास कई ऐसे तथ्य और परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं, जिनकी जांच होने पर पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।
परिवार ने जताया भय, गवाह सामने आने से कर रहे परहेज
शिकायती पत्र में हनुमान प्रसाद ने यह भी उल्लेख किया है कि उनका परिवार आरोपित पक्ष से भयभीत है। उनका कहना है कि क्षेत्र के कई लोगों को घटना की जानकारी है, लेकिन डर के माहौल के कारण लोग खुलकर सामने आने और गवाही देने से हिचक रहे हैं।
परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के चलते मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए उच्च स्तर से हस्तक्षेप आवश्यक है।
FIR दर्ज न होने से परिजनों में नाराजगी
हनुमान प्रसाद का आरोप है कि उन्होंने 18 मई 2026 को थाना मोहम्मदपुर खाला में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही किसी प्रकार की प्रभावी जांच शुरू की गई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में दर्ज कराई गई IGRS शिकायत को भी निरस्त कर दिया गया, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि न्याय की उम्मीद में वे लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री और DGP से की हस्तक्षेप की मांग
मामले को लेकर हनुमान प्रसाद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक बाराबंकी को पत्र भेजकर संबंधित थाने को तत्काल मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश देने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो अनुज कुमार की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई संभव हो पाएगी।
जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
युवक की संदिग्ध मौत और परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना आवश्यक है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
रिपोर्ट – नीरज निगम

















