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बाराबंकी जीआरपी की प्रभावी पैरवी रंग लाई: पॉक्सो एक्ट आरोपी को 10 साल की सजा, ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत मिली सफलता

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बाराबंकी जीआरपी पुलिस को बड़ी सफलता, पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म मामले में आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से अदालत ने सुनाया फैसला।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 27 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में जीआरपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

जीआरपी बाराबंकी की प्रभावी पैरवी से अदालत ने सुनाया फैसला

प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित न्याय दिलाने के लिए जीआरपी पुलिस लगातार प्रभावी पैरवी कर रही है। इसी क्रम में जीआरपी बाराबंकी द्वारा दर्ज पॉक्सो एक्ट मामले में अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और महत्वपूर्ण गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए।

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अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त अहमद अली पुत्र दिलदार अली निवासी सैय्यद बाबा की मजार, रेलवे स्टेशन परिसर थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी को दोषी करार दिया।

पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म मामले में हुई सजा

मामला वर्ष 2018 का बताया जा रहा है। जीआरपी बाराबंकी में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 89/18 के तहत आरोपी पर धारा 377 आईपीसी एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था।

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या-45 बाराबंकी ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा।

2018 में दर्ज हुआ था मामला

संक्षिप्त विवरण के अनुसार, दिनांक 13 सितंबर 2018 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता द्वारा आरोपी अहमद अली के खिलाफ जबरन अप्राकृतिक दुष्कर्म करने की सूचना दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी बाराबंकी में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

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तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक रविंद्र बहादुर सिंह द्वारा वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलित कर जांच पूरी की गई और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलता

जीआरपी पुलिस के अनुसार, “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत मॉनिटरिंग सेल में नियुक्त अधिकारियों एवं अभियोजन टीम द्वारा न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है ताकि गंभीर अपराधों में आरोपियों को कम समय में अधिकतम सजा दिलाई जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से आम जनता में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई और सख्त सजा अपराधियों के लिए बड़ा संदेश है।

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अभियोजन एवं पुलिस टीम

इस मामले में विशेष लोक अभियोजक, जीआरपी थाना प्रभारी, पैरोकार एवं मॉनिटरिंग सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस विभाग ने पूरी टीम की सराहना की है।

महिला सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश

बाराबंकी में पॉक्सो एक्ट के इस मामले में अदालत के फैसले को महिला सुरक्षा और बाल अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी अपराधियों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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