बाराबंकी में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद परिवहन और यातायात विभाग ने मॉडिफाइड साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया।
संयुक्त टीम ने 11 बुलेट बाइक सीज कर 12 वाहनों का चालान किया।
नियम तोड़ने वालों पर 15 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा रहा है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 12 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ परिवहन एवं यातायात विभाग ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। जिले में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मंगलवार को एआरटीओ अंकिता शुक्ला, यात्री मालकर अधिकारी रविचंद्र त्यागी और यातायात उपनिरीक्षक नसीर सिद्दीकी की संयुक्त टीम ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर कई वाहनों की जांच की।

11 बुलेट बाइक सीज, 12 वाहनों का चालान
चेकिंग अभियान के दौरान टीम ने मॉडिफाइड साइलेंसर लगे 11 बुलेट वाहनों को विभिन्न थानों में निरुद्ध (सीज) कराया। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 12 अन्य वाहनों का चालान भी किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए कार्रवाई को और सख्त किया गया है।

15 हजार रुपये तक जुर्माना, साइलेंसर किए गए नष्ट
एआरटीओ विभाग के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर लगभग 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। साथ ही भारी ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले अवैध साइलेंसरों को मौके पर नष्ट कर वाहन सीज किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की सख्ती से वाहन चालकों में हड़कंप
जिले में चल रहे इस विशेष अभियान से वाहन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है। परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर या अवैध प्रेशर हॉर्न का प्रयोग न करें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद














