Barabanki

बाराबंकी में दर्दनाक हादसा: आंगनवाड़ी केंद्र का गेट गिरने से बुजुर्ग महिला की मौत, लापरवाही पर उठे सवाल

SHARE:

बाराबंकी के सफदरगंज क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्र का लोहे का गेट गिरने से 70 वर्षीय महिला की मौत।

जर्जर व्यवस्था और भवन की कमी पर उठे गंभीर सवाल।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 22 अप्रैल 2026

जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम चक मजरे रहरामऊ में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। आंगनवाड़ी केंद्र पर अपनी पोती को छोड़ने आई 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की लोहे का गेट गिरने से मौके पर ही मौत हो गई।

मृतका की पहचान शबाना (70 वर्ष) पत्नी अकबर अली के रूप में हुई है, जो अपनी 6 वर्षीय पोती जुबिया नाज को आंगनवाड़ी केंद्र छोड़ने आई थीं।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला जैसे ही आंगनवाड़ी केंद्र के गेट के पास पहुंची, तभी अचानक लोहे का भारी गेट गिर पड़ा। गेट के नीचे दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में चौकी इंचार्ज को भावभीनी विदाई: 28 माह की शानदार सेवा से जीता जनता का दिल, विदाई समारोह में छलके जज़्बात

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

घर में चल रहा था आंगनवाड़ी केंद्र

जर्जर भवन के कारण वर्षों से बंद पड़ा केंद्र

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में करीब 20 वर्ष पहले आंगनवाड़ी भवन का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण में अनियमितताओं के चलते भवन शुरू से ही जर्जर हो गया।

इसी वजह से आंगनवाड़ी कार्यकत्री रेखा वर्मा अपने निजी घर से ही केंद्र का संचालन कर रही थीं।

पर्याप्त भवन नहीं, जोखिम में बच्चों और ग्रामीणों की जान

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल कुमार वर्मा के अनुसार, ग्राम पंचायत में कुल 5 आंगनवाड़ी केंद्र हैं, लेकिन भवन केवल एक ही है। अन्य केंद्रों के लिए नए भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ।

यह भी पढ़ें  Barabanki: नायब तहसीलदार अंकिता पांडे की अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक, होली और रमज़ान पर शांति बनाए रखने की अपील

इस लापरवाही के कारण न सिर्फ बच्चों बल्कि ग्रामीणों की जान भी खतरे में पड़ रही है।

ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षित भवन की व्यवस्था की गई होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

ग्रामीणों ने मांग की है कि:

  • जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
  • गांव में सुरक्षित आंगनवाड़ी भवन का जल्द निर्माण कराया जाए
  • पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए

प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में खूनी संघर्ष के बाद फिर भड़का गुस्सा: शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन, CO हटाने की मांग; हत्या के आरोप में 13 पर केस, 4 गिरफ्तार

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की जाती है।

रिपोर्ट – नूर मोहम्मद 

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

18488
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई