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Barabanki: हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी बनी कहर, विधायक प्रतिनिधि की एक एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख

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Barabanki: 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी से विधायक प्रतिनिधि एवं किसान की एक एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।

ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 अप्रैल 2026

जिले में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर भारी पड़ गई। रविवार दोपहर मसौली क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी ने विधायक प्रतिनिधि एवं किसान की तैयार गेहूं की फसल को चंद मिनटों में राख कर दिया। इस अग्निकांड में करीब एक एकड़ (लगभग 4 बीघा) फसल जलकर नष्ट हो गई।

हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी ने मचाई तबाही

जानकारी के अनुसार, विद्युत उपकेंद्र मसौली से ग्राम पंचायत रहरामऊ स्थित राजकीय नलकूप को जाने वाली 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन लाइन के ढीले तारों से अचानक चिंगारी निकल गई।

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यह चिंगारी सीधे सपा विधायक प्रतिनिधि एवं किसान रिजवान संजय के खेत में खड़ी गेहूं की तैयार फसल पर जा गिरी, जिससे देखते ही देखते आग लग गई।

तेज हवा से विकराल हुई आग, 4 बीघा फसल राख

तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और करीब 4 बीघा (लगभग एक एकड़) गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने समरसेबल पंप चलाकर और खेतों की जुताई कर किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

विधायक प्रतिनिधि ने लगाया विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप

पीड़ित विधायक प्रतिनिधि रिजवान संजय ने विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 11 हजार हाईटेंशन लाइन को गांव से बाहर सुरक्षित मार्ग से ले जाने के बजाय किसानों के खेतों के बीच से गुजारा गया है।

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उनका कहना है कि ढीले तारों और जर्जर जम्परों के कारण अक्सर चिंगारियां निकलती रहती हैं, जिससे पहले भी खतरा बना रहता था।

कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

विधायक प्रतिनिधि के अनुसार, इस समस्या को लेकर कई बार विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लाइन को हटाया जाता, तो आज हजारों रुपये की फसल आग में जलकर नष्ट नहीं होती।

ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा नुकसान

ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयासों से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे आसपास के अन्य खेतों को बचाया जा सका।

फिलहाल, इस घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में आक्रोश है और वे प्रशासन से मुआवजे व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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रिपोर्ट – नूर मोहम्मद

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