Barabanki: बिंद्रा कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने आए किसान उमेश चंद्र वर्मा की ट्रैक्टर-ट्राली के नीचे दबकर दर्दनाक मौत हो गई।
दुर्केघटना के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का चालक फरार हो गया।
किसानों ने कोल्ड स्टोरेज में अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में जिला प्रशासन की लापरवाही और कोल्ड स्टोरेज में फैली अव्यवस्थाओं के चलते एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई।
मंगलवार देर शाम नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बिंद्रा कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने आए एक किसान ट्रैक्टर-ट्राली के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद ट्रैक्टर-ट्राली चला रहा चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। इस हादसे के बाद कोल्ड स्टोरेज परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।

ट्रैक्टर बैक करते समय हुआ हादसा
खेत से आलू लेकर कोल्ड स्टोरेज पहुंचे थे किसान
जानकारी के अनुसार जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरौली निवासी 55 वर्षीय किसान उमेश चंद्र वर्मा, पुत्र भगवती प्रसाद, मंगलवार शाम करीब 4 बजे आलू रखने के लिए बिंद्रा कोल्ड स्टोरेज पहुंचे थे।
कोल्ड स्टोरेज परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियां अव्यवस्थित तरीके से खड़ी थीं। इसी दौरान एक ट्रैक्टर ट्रॉली को बैक करते समय उमेश चंद्र वर्मा उसके नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना के बाद वहां मौजूद किसानों ने घायल किसान को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।
हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

कोल्ड स्टोरेज में अव्यवस्था का आरोप
टोकन व्यवस्था के बावजूद नहीं मिल रहे टोकन
घटना के बाद कोल्ड स्टोरेज में मौजूद किसानों ने स्टोरेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा टोकन व्यवस्था लागू किए जाने के बावजूद कोल्ड स्टोरेज में टोकन नहीं दिए जा रहे हैं।
इस कारण बड़ी संख्या में किसान एक साथ पहुंच रहे हैं और परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतारें लग रही हैं।

गेटमैन तक की व्यवस्था नहीं
किसानों के अनुसार कोल्ड स्टोरेज के गेट पर कोई गेटमैन भी तैनात नहीं है, जिससे परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियां आड़ी-तिरछी खड़ी हो जाती हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
गौरतलब है कि हाल ही में कोल्ड स्टोरेज मालिक किराया बढ़ाने को लेकर एकजुट हो गए थे, लेकिन व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पहले ही बेटे की हो चुकी है मौत
मृतक किसान उमेश चंद्र वर्मा के परिवार पर इस हादसे के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बताया जा रहा है कि उनके इकलौते पुत्र रवि की करीब चार वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है।
अब परिवार में एक बेटी और दो पोतियों की शादी की जिम्मेदारी उमेश चंद्र वर्मा के कंधों पर थी। उनकी मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
किसान संगठन ने की आर्थिक सहायता की मांग
मेंथा किसान समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग की है कि इस हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि मृतक किसान के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए और कोल्ड स्टोरेज में फैली अव्यवस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद












