Barabanki: मोदी सरकार अब जानवरों के लिए घास भी अमेरिका से मंगाएगी – रणधीर सिंह सुमन
बाराबंकी में 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) का समर्थन। श्रम कानून, निजीकरण, ठेका प्रथा और बिजली संशोधन बिल के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 फरवरी 2026
केंद्र सरकार की नीतियों, श्रम कानूनों में बदलाव और निजीकरण के विरोध में प्रस्तावित 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, बैंक और बीमा क्षेत्र सहित विभिन्न संगठनों द्वारा घोषित इस हड़ताल को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है।
जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा समर्थन पत्र
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए आम हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गए बदलाव मजदूर वर्ग के हितों के विपरीत है और इससे मेहनतकश जनता प्रभावित हो रही है।
ये है आम हड़ताल की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में हड़ताल की प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि—
- सरकारी उपक्रमों के निजीकरण का विरोध
- ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग
- लागू किए गए श्रम संहिताओं (Labour Codes) को रद्द करने की मांग
- बिजली संशोधन बिल वापस लेने की मांग
- मनरेगा को मजबूत करने और प्रस्तावित बीज बिल को निरस्त करने की मांग
टैरिफ नीति पर भी सवाल
ज्ञापन में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया गया है कि अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौतों के चलते देश के निर्यात पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जबकि अमेरिका से आने वाले सामान पर टैरिफ को लेकर असमानता बरती जा रही है। पार्टी नेताओं से इसे देश हित के खिलाफ बताया और इस पर पुनर्विचार की मांग की।
जनता की समस्याओं के समाधान की मांग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर मजदूरों, कर्मचारियों और आम जनता की समस्याओं का समाधान कराने की अपील की है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह 12 फरवरी की आम हड़ताल में सक्रिय रूप से शामिल होकर श्रमिकों की मांगों का समर्थन करेगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















