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Lucknow News: हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट में करोड़ो की हेराफेरी का आरोप, चेयरमैन डॉ. आमोद सचान सहित अन्य पर केस दर्ज; जानिए पूरा मामला

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Lucknow News:

लखनऊ के कैसरबाग थाने में हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन अमोद कुमार सचान और उनकी पत्नी पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज। ट्रस्ट डीड में फर्जीवाड़ा कर बैंक खातों से ओडी लिमिट और गारंटी लेने का आरोप।

Lucknow

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 05 फरवरी 2026

राजधानी लखनऊ के हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट में करोड़ो रुपए की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. आमोद कुमार सचान व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह मुकदमा बहराइच जिले के रायपुर राजा निवासी बृज किशोर सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जिन्होंने वर्ष 2004 में समाजसेवा के उद्देश्य से इस ट्रस्ट की स्थापना की थी।

 

2004 में जनसेवा के उद्देश्य से बनी थी ट्रस्ट

शिकायतकर्ता बृज किशोर सिंह के अनुसार, वर्ष 2004 में स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने, अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के उद्देश्य से हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की गई थी। ट्रस्ट में डॉ. अमोद कुमार सचान, सुशीला चौधरी, डॉ. हरीश चंद्र, रिचा मिश्रा और अन्य लोग शामिल थे, जिनमें चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता भी थे।

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सभी ट्रस्टियों की सहमति से डॉ. आमोद कुमार सचान को ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया गया था, जबकि अन्य सदस्य वाइस चेयरमैन के रूप में नामित थे। ट्रस्ट डीड का पंजीकरण 09 दिसंबर 2004 को उपनिबंधक (तृतीय), लखनऊ कार्यालय में कराया गया था।

 

भरोसे की आड़ में कथित घोटाला

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डॉ. आमोद कुमार सचान और उनकी पत्नी रिचा मिश्रा ट्रस्ट से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां संभालते थे। अन्य ट्रस्टी इस भरोसे के आधार पर यह मानते हुए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते थे, की ट्रस्ट अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप जनसेवा का कार्य कर रहा है।

हालांकि, हाल ही में शिकायतकर्ता को जानकारी मिली कि ट्रस्ट के नाम पर एचडीएफसी बैंक में बिना किसी सूचना के नए खाते खोले गए हैं। जब इसकी जांच की गई, तो सामने आया कि ट्रस्ट डीड की कूटरचित प्रति के आधार पर खाते खोले गए और उन खातों से करोड़ों रुपए की ओवरड्राफ्ट लिमिट और बैंक गारंटी ली गई।

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ट्रस्ट डीड में फर्जी बदलाव का आरोप

आरोप है कि अमोद सचान ने अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर मूल ट्रस्ट डीड में कूटरचना की। फर्जी डीड में खुद को चेयरमैन और अपनी पत्नी रिचा मिश्रा को वाइस चेयरमैन दिखाया गया, जबकि अन्य ट्रस्टियों के नाम हटा दिए गए। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंकिंग लेन-देन किया गया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि इस हेराफेरी से ट्रस्ट को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है और अन्य बैंकों में भी इसी तरह खाते खोलकर धन का दुरुपयोग किए जाने की आशंका है।

 

पुलिस ने नहीं की सुनवाई

पीड़ित बृज किशोर सिंह का कहना है कि उन्होंने पहले कैसरबाग थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने 13 जनवरी 2026 को पुलिस आयुक्त को भी प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी मामला दर्ज नहीं किया गया।

आखिरकार उन्होंने न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार शाम कैसरबाग कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।

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पुलिस का बयान

कैसरबाग कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर ए.के. मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना शुरू कर दी गई है। बैंक खातों, ट्रस्ट दस्तावेज़ों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट – नौमान माजिद

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