Barabanki News:
उत्तर भारत के प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम में 5 फरवरी से शुरू होने वाले फाल्गुनी मेले की तैयारियां अधूरी हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और रैन बसेरों की हालत खराब, मेला शुरू होने में मात्र 7 दिन शेष।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। 29 जनवरी 2026
बाराबंकी जिले के रामनगर इलाके में स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा धाम में लगने वाला फाल्गुनी मेला आगामी 5 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस मेले में उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई राज्यों से लाखों शिवभक्त कांवर लेकर पहुंचते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ण होने की कामना करते हैं।
फाल्गुनी मेले को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तैयारियों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बीते 19 जनवरी को लोधेश्वर धाम का निरीक्षण कर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, रैन बसेरों की मरम्मत, शौचालय व्यवस्था और मेला क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बिंदुवार निर्देश दिए गए थे।

10 दिन बाद भी अधूरी तैयारियां, रफ़्तार बेहद सुस्त
जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 10 दिन बीत जाने के बाद भी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हों सकी है। जिला पंचायत द्वारा महादेवा चौकी के दोनों ओर बने रैन बसेरों की मरम्मत व रंगाई-पुताई कराई जानी थी, लेकिन कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है।
स्थिति यह है कि मंदिर के समीप स्थित रैन बसेरे में अब तक कोई कार्य शुरू ही नहीं हुआ, जबकि अभरण सरोवर के पास बने रैन बसेरे में केवल औपचारिक पुताई कराई जा रही है। जगह-जगह प्लास्टर टूटा हुआ है।

श्रद्धालुओं के मार्ग में मिट्टी के ढेर, मलबा और गंदगी
शिव भक्तों के जलाभिषेक के लिए बनाए जाने वाले बैरिकेडिंग मार्ग पर मिट्टी के ढेर पड़े हुए हैं। मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर मलबा और कूड़े के ढेर मौज़ूद है, जिन्हें हटाने के निर्देश डीएम द्वारा पहले ही दिए जा चुकप्रकाश व्यवस्था के नाम पर विद्युत विभाग द्वारा अभी तक पोलों पर लाइट नहीं लगाई गई है, जिससे रात में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हो सकती है।

शौचालयों और सोलर लाइट की स्थिति चिंताजनक
मेला क्षेत्र में बनाए गए शौचालयों की बाहर से केवल रंगाई-पुताई की जा रही है, जबकि अंदर गंदगी फैली हुई है। कई शौचालयों में सीट टूटी हुई है और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
मंदिर परिसर में लगी सोलर लाइटें भी खराब पड़ी है, जिन्हें अब तक ठीक नहीं कराया गया।
नंगे पांव चलने वाले श्रद्धालुओं को चोट का खतरा
लोक निर्माण विभाग द्वारा महादेवा-लोधौरा मार्ग पर सड़क चौडीकरण के दौरान पत्थर व गिट्टी डाली गई थी, जिसे अब तक व्यवस्थित नहीं किया गया है। ऐसे में नंगे पांव जलाभिषेक के लिए आने वाले शिव भक्तों के घायल होने की आशंका बनी हुई है।
7 दिन शेष, श्रद्धालु और दुकानदार पहुंचने लगे
फाल्गुनी मेला शुरू होने में अब मात्र 7 दिन शेष हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा अब तक तैयारियों में तेज़ी नहीं लाई गई है।
इस बीच मेले में दुकान लगाने वाले दुकानदार पहुंचने लगे हैं, वही काफी संख्या में शिव भक्त पैदल आकर पूजन-अर्चन भी शुरू कर चुके हैं। यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गई, तो मेले के दौरान अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी
















