Barabanki:
बाराबंकी के कोठी थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध खनन और कब्जे का मामला सामने आया है। जांच में पुष्टि के बावजूद 7 महीने बाद भी आरोपी स्कूल प्रबंधक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पढ़ें पूरी खबर विस्तार से

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर मजरे इब्राहिमाबाद गांव में सरकारी जमीन पर अवैध मिट्टी खनन और कब्जे का मामला सामने आने के सात महीने बाद भी खनन अधिकारी द्वारा कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। लेखपाल की जांच में ग्राम प्रधान द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी हो चुकी है, इसके बावजूद आरोपी स्कूल प्रबंधक के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
सरकारी भूमि पर अवैध मिट्टी खनन का आरोप
नवाबगंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत इब्राहिमाबाद की ग्राम प्रधान प्रमिला रावत के अनुसार, गांव की गाटा संख्या 1662 और 1663 राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज सरकारी भूमि है। आरोप है कि बीते वर्ष जुलाई माह में श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल, नारायणपुर के प्रबंधक बलवेन्द्र यादव ने बिना किसी अनुमति और रॉयल्टी के गाटा संख्या 1662 से लगभग 900 घनफुट मिट्टी का अवैध खनन कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
इसके साथ ही गाटा संख्या 1663 पर सरकारी मेड़ तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया गया।

जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि
ग्राम प्रधान प्रमिला रावत ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत 7 जुलाई 2025 को संबंधित अधिकारियों से की थी। प्रारंभिक स्तर पर खनन अधिकारी द्वारा राजस्व टीम की जांच आख्या न मिलने का हवाला देकर कार्रवाई टाल दी गई। बाद में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल दीपक कुमार पाल द्वारा की गई स्थलीय जांच में सरकारी भूमि से अवैध मिट्टी खनन और सरकारी ज़मीन को क्षति पहुंचाकर कब्जा करने की पुष्टि हुई।

महीनों बाद भी कार्रवाई शून्य
हालांकि जांच रिपोर्ट खनन अधिकारी को भेजे जाने के कई महीने बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपी स्कूल प्रबंधक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्राम प्रधान ने इस संबंध मे दोबारा उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
वही क्षेत्रीय लेखपाल दीपक पाल का कहना है कि उन्होंने मौके पर जांच कर अवैध खनन और सरकारी ज़मीन को नुकसान पहुंचाने की रिपोर्ट काफी पहले ही खनन अधिकारी को भेज दी थी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















