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Lucknow News: योगी सरकार का बड़ा फ़ैसला, 1 फरवरी से संपत्ति रजिस्ट्री पूरी तहत डिजिटल; आधार आधारित प्रक्रिया से फर्जीवाड़े और बेनामी संपत्तियों पर लगेगी लगाम

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Lucknow News:

उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी 2026 से संपत्ति रजिस्ट्री पूरी तरह डिजिटल और आधार आधारित होगी। नई व्यवस्था से फर्जी रजिस्ट्रेशन, बैनामी संपत्ति और धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।

Lucknow

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। 31 जनवरी 2026

उत्तर प्रदेश में संपत्ति खरीद-फ़रोख्त की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 फरवरी 2026 से राज्य में संपत्ति रजिस्ट्री पूरी तरह डिजिटल और आधार आधारित कर दी जाएगी। योगी सरकार ने इसके लिए यूपी ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियम, 2024 को लागू कर दिया है। अगस्त 2024 में जारी अधिसूचना के अनुसार अब रजिस्ट्री के दौरान सभी पक्षकारों की पहचान आधार ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और ई-हस्ताक्षर के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस नई प्रणाली से फर्जी रजिस्ट्रेशन, बेनामी संपत्ति और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी। अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री बिना डिजिटल सत्यापन के संभव नहीं होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज बनेगी।

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अब नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर

नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगो को रजिस्ट्री के लिए बार-बार कागजात लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकतर प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी होगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। सरकार का दावा है कि इससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

 

सभी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय तकनीकी रूप से तैयार

राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश के सभी सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को नई डिजिटल व्यवस्था के अनुरूप तकनीकी रूप से तैयार कर लिया गया है। कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और आवश्यक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी स्थापित किया गया है। सरकार इसे डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा सुधारात्मक कदम मान रही है।

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फर्जीवाड़े पर लगेगा ब्रेक

गौरतलब है कि अब तक संपत्ति खरीद-फ़रोख्त के दौरान पक्षकारों की पहचान की कोई फुल-प्रूफ व्यवस्था नहीं होने के कारण आए दिन फर्जी रजिस्ट्रेशन और बेनामी संपत्ति के मामले सामने आते थें। जालसाज़ कूटरचित दस्तावेज़ो के सहारे संपत्तियों की खरीद-फ़रोख्त कर लेते थे। कई मामलों में तो असल मालिक को इसकी जानकारी तब मिलती थी जब खरीदार संपत्ति पर कब्जा लेने पहुंचता था।

नई आधार आधारित डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली के लागू होने से ऐसे मामलों पर लगभग पूरी तरह रोक लगना तय माना जा रहा है।

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रिपोर्ट – नौमान माजिद

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Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

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