Lucknow: राजधानी की एक महिला ने ब्लैकमेल कर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है।
पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने धमकी, मारपीट और नशा देकर कई दिनों तक शोषण किया।
मामले में मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई गई है।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 01 अप्रैल 2026
लखनऊ में एक महिला के साथ ब्लैकमेल और सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने पहले उसकी सोशल मीडिया आईडी से फोटो और वीडियो हासिल किए और फिर उन्हें आधार बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया


सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के चरक हॉस्पिटल, अलमास सिटी निवासी हसीब खान के बेटे इब्राहिम खान का उसके घर आना-जाना था। वह उसके देवर का दोस्त था।
आरोप है कि इब्राहिम ने उसकी इंस्टाग्राम आईडी से फोटो और वीडियो निकालकर उन्हें आपत्तिजनक रूप में इस्तेमाल किया और फिर उसी आधार पर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसे मिलने के लिए मजबूर करता था और मना करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देता था।


नशीला पदार्थ देकर घटना को अंजाम देने का आरोप
पीड़िता ने बताया कि 17 फरवरी को वह आरोपियों के दबाव में उनसे मिलने गई, जहां उसे कोल्ड ड्रिंक दी गई। इसके बाद उसे कुछ याद नहीं रहा।
होश आने पर उसने खुद को नैनीताल में पाया, जहां उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किए जाने का आरोप है।
कई स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित करने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, इसके बाद उसे अलग-अलग स्थानों—आगरा हाईवे, राजाजीपुरम और अन्य जगहों पर ले जाया गया, जहां कई लोगों ने उसे धमकाया और प्रताड़ित किया।
उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे हथियार दिखाकर डराया और पुलिस में अपने मुताबिक बयान देने के लिए मजबूर किया।


नशे का इंजेक्शन देकर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता का कहना है कि उसे नशीला इंजेक्शन देकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
इसके बाद उसे अलग-अलग जगहों पर रखा गया, जहां लगातार उसे डराया-धमकाया जाता रहा।
होटल से भाग कर बचाई जान
पीड़िता के अनुसार, उसे कुछ समय तक गोमतीनगर क्षेत्र के एक पीजी में रखा गया, लेकिन बाद में वहां से भी निकाल दिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने उसे अलग-अलग स्थानों और होटलों में रखा। एक होटल में स्थिति खराब होने के कारण उसे नहीं रखा गया, जिसके बाद उसे हजरतगंज क्षेत्र के होटल में ले जाया गया, जहां अपनी जान का खतरा महसूस होने पर वह किसी तरह भागने में सफल रही।


जबरन बयान दिलवाने का आरोप
पीड़िता ने बताया कि उससे पहले जो बयान दिलवाया गया था, जिसमें उसने कहा था कि वह अपनी मर्जी से गई थी, वह दबाव में दिया गया था।
उसका कहना है कि आरोपियों ने उसे मारपीट कर और जान से मारने की धमकी देकर ऐसा बयान देने को मजबूर किया।


मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
पीड़िता ने योगी आदित्यनाथ से न्याय की अपील करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उसने कहा कि उसे लगातार जान का खतरा है और वह चाहती है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले।
पुलिस जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर
यह मामला सामने आने के बाद अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट – नौमान माजिद












