Barabanki: हैदरगढ़ क्षेत्र में पिता की डांट से नाराज युवक ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की।
समय रहते बचाव कर अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालत गंभीर।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 अप्रैल 2026
जिले के कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के बरांवा गांव में सोमवार को एक युवक द्वारा भावावेश में उठाया गया खतरनाक कदम समय रहते टल गया। पिता की डांट से नाराज होकर 23 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन परिजनों और आसपास मौजूद लोगों की सतर्कता से उसकी जान बच गई।
मामूली विवाद के बाद उठाया खतरनाक कदम
घटना बरांवा गांव की है, जहां निवासी कल्लू रावत के घर पर दूसरी मंजिल की छत की ढलाई का कार्य चल रहा था। दोपहर के समय मजदूर मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर पिता ने अपने बेटे अर्जुन को डांट दिया।
पिता की इस डांट से आहत होकर अर्जुन गुस्से में नीचे कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया।


कमरे में लटका मिला युवक, मचा हड़कंप
कुछ देर बाद जब पिता ने बेटे को आवाज दी और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्हें शक हुआ। दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे तो अर्जुन को छत के कुंडे से लटका देख उनके होश उड़ गए।
पिता की चीख सुनकर मौके पर मौजूद मजदूर दौड़कर पहुंचे और तुरंत युवक को नीचे उतारकर उसके गले से फंदा हटाया।
अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
जांच करने पर युवक की सांसें चल रही थीं। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।


परिवार में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन युवक के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
भावनात्मक तनाव में सतर्कता जरूरी
ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि भावनात्मक तनाव के क्षणों में तुरंत प्रतिक्रिया देना खतरनाक हो सकता है। परिवार और समाज को ऐसे समय में संवाद और धैर्य बनाए रखने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













