Barabanki

Barabanki: फिर उठा कल्याणी नदी पर अतिक्रमण और संरक्षण की अनदेखी का मुद्दा, लोक भारती ने अतिक्रमण हटाने और नदी के पुनर्जीवन की मांग

SHARE:

Barabanki:

बाराबंकी के धन्नाग तीर्थ पर लोक भारती की प्रेस वार्ता में कल्याणी नदी पर अतिक्रमण और संरक्षण की अनदेखी का मुद्दा उठा। संगठन ने नदी के पुनर्जीवन और अतिक्रमण हटाने की मांग की।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।

जनपद बाराबंकी और सीतापुर की सीमा पर स्थित पवित्र धन्नाग तीर्थ से निकलने वाली कल्याणी नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विलुप्त होती नदियों को बचाने के लिए कार्यरत सामाजिक संगठन लोक भारती द्वारा धन्नाग तीर्थ पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें नदी पर हो रहे अतिक्रमण और सरकारी उदासीनता को लेकर गहरी चिंता जताई गई।

 

40 किलोमीटर तक अतिक्रमण की चपेट में कल्याणी 

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए लोक भारती के प्रांतीय सहसंयोजक राम लखन शुक्ला ने बताया कि कल्याणी नदी सैकड़ों बीघे में फैले पवित्र सरोवर से निकलकर बाराबंकी के कई गांवों से होते हुए अयोध्या जनपद के विकास खंड मवई स्थित ग्राम मलहरण में गोमती नदी में समाहित होती है। नदी की कुल लंबाई लगभग 170 किलोमीटर है, लेकिन धन्नाग से आगे लगभग 40 किलोमीटर तक किसानों के लिए जीवनदायिनी कल्याणी नदी अतिक्रमण की चपेट में है।

यह भी पढ़ें  Barabanki: फतेहपुर में जबरन धार्मिक नारा लगवाने का प्रयास - इंकार पर दाढ़ी खींचकर मारपीट, वीडियो वायरल होंने के बाद आरोपी गिरफ्तार

Barabanki: फिर उठा कल्याणी नदी पर अतिक्रमण और संरक्षण की अनदेखी का मुद्दा, लोक भारती ने अतिक्रमण हटाने और नदी के पुनर्जीवन की मांग

उन्होंने कहा कि “कल्याणी नदी बचाओ अभियान” के तहत कई सभाएं आयोजित की जा चुकी है और जिलाधिकारी बाराबंकी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अनेक ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन आज तक न तो अतिक्रमित क्षेत्र की नपाई कराई गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके उल्लेख

राम लखन शुक्ला ने यह भी याद दिलाया कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कल्याणी नदी का उल्लेख करते हुए विकास की बात कही थी। वहीं, राज्यपाल महोदया द्वारा तहसील फतेहपुर के ग्राम मवई में नदी के घाट पर वृक्षारोपण कार्यक्रम भी किया गया था, जिसमें जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मनरेगा से सुंदरीकरण की चर्चा हुई थी।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई “एक जनपद, एक नदी” योजना के तहत बाराबंकी में कल्याणी नदी का चयन होने से किसानों और स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस विकास कार्य नहीं हो सका।

यह भी पढ़ें  Barabanki Car Fire News – चलते-चलते कार में लगी आग, युवक ने कूदकर बचाई जान, पूरी गाड़ी जलकर खाक

इसी उपेक्षा से आहत होकर लोक भारती संगठन ने नदी के उद्गम स्थल धन्नाग तीर्थ पर प्रेस वार्ता आयोजित कर प्रशासन और सरकार का ध्यान पुनः आकर्षित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिहर प्रसाद यादव (पूर्व प्रधानाध्यापक) ने की।

 

इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर चितरंजन यादव, राम सिंह मौर्य, सुधीर कुमार यादव, बल्लू, नीरज कुमार यादव, अनिल कुमार यादव (एडवोकेट, उच्च न्यायालय), भानु प्रताप सिंह ‘गुड्डू’, रामपाल सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में मुख्य अतिथि के रूप में लखाई बाबा के महंत बाल दास महाराज उर्फ बबलू दास ने भी सहभागिता की।

विकासखंड सिधौली, निंदूरा, अटरिया और घूमते सहित आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों ने कल्याणी नदी के संरक्षण और विकास के लिए सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया और नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह नदी पूरी तरह अस्तित्व खो सकती है।

यह भी पढ़ें  Mumbai: देवगिरी आवास पर अहम मुलाकात: राष्ट्रीय सचिव धनंजय शर्मा ने सुनेत्रा पवार से की शिष्टाचार भेंट

रिपोर्ट – ललित राजवंशी

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

2589
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई