Barabanki: टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले जुटे सैकड़ों शिक्षक
बीएसए कार्यालय पर टीईटी परीक्षा के विरोध में शिक्षकों का एक दिवसीय धरना।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित 25 लाख शिक्षकों का मुद्दा उठाया, सरकार को चेतावनी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 फरवरी 2026
गुरुवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर से सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।
शिक्षकों ने सरकार द्वारा अनिवार्य की जा रही टीईटी परीक्षा का विरोध करते हुए इसे अन्यायपूर्ण बताया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 1 सितम्बर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्णय से देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षक प्रभावित हुए हैं।
शिक्षकों का आरोप है कि उन्होंने नियुक्ति के समय सभी मानकों को पूरा किया था, फिर अब उनकी योग्यता पर सवाल उठाकर दोबारा परीक्षा देने के लिए क्यों बाध्य किया जा रहा है।

नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
“जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन होगा”
धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय जुनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पवन कुमार वर्मा ने कहा कि सभी शिक्षक संगठन एकजुट हैं और अन्यायपूर्ण टीईटी परीक्षा का विरोध जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की अध्यक्ष शहनाज परवीन ने भी सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि शिक्षक हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
प्रदर्शन के अंत में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन बीएसए नवीन कुमार पाठक के माध्यम से जिला अधिकारी को सौंपा गया।
धरने में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ बाराबंकी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













