Barabanki: जिले के कुर्सी थाना क्षेत्र के दुर्री पुरवा गांव में 20 वर्षीय मिथुन रावत की हत्या के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की।
तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपितों के अवैध रूप से बने चार अस्थायी मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया।
नायब तहसीलदार के नेतृत्व और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 20 वर्षीय युवक मिथुन रावत की हत्या के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपितों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को कुर्सी थाना क्षेत्र के दुर्री पुरवा गांव में तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपितों के अवैध रूप से बने मकानों पर बुलडोजर चलाया।
प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में गांव पहुंची और सरकारी व पट्टेदार भूमि पर बनाए गए चार अस्थायी मकानों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति न बने।

गेहूं के खेत में मिला था युवक का शव
जानकारी के अनुसार कुर्सी थाना क्षेत्र के दुर्री पुरवा गांव निवासी छविनाथ रावत के 20 वर्षीय पुत्र मिथुन रावत की शुक्रवार रात हत्या कर दी गई थी। शनिवार सुबह उसका शव गांव के बाहर गेहूं के खेत में पड़ा मिला था।
धारदार हथियार से की गई थी हत्या
बताया गया कि बदमाशों ने मिथुन रावत का गला रेतकर और धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या की थी। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और बड़ी संख्या में लोग

मृतक की मां की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा
मामले में मृतक की मां की तहरीर पर कुर्सी थाना पुलिस ने सात आरोपितों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
इन आरोपितों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने अयान पुत्र भटरी उर्फ रहीश, मोहम्मद आमिर पुत्र कुर्बान अली निवासी मुल्ला टोला मजरे कुर्सी थाना कुर्सी तथा अरवाज पुत्र रिजवान, मोहम्मद जावेद पुत्र नूर मोहम्मद, अरमान पुत्र रिजवान, इरफान उर्फ अघोरी पुत्र जाहिद अली और रिजवान पुत्र अजीज निवासी ग्राम दुर्री पुरवा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ आरोपितों ने सरकारी और पट्टेदार भूमि पर अवैध रूप से अस्थायी मकान बना रखे थे।

नायब तहसीलदार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
सोमवार को तहसील फतेहपुर प्रशासन की टीम नायब तहसीलदार अंकिता पांडेय के नेतृत्व में गांव पहुंची। प्रशासन अपने साथ बुलडोजर लेकर आया और अवैध रूप से बने मकानों को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी।
नायब तहसीलदार अंकिता पांडेय ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की गई थी, जिसमें सरकारी और पट्टे की भूमि पर बने चार अस्थायी मकान अवैध पाए गए। इसी आधार पर उन्हें ध्वस्त किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में पक्के मकान भी अवैध पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।

आरोपितों की तलाश में पुलिस की लगातार दबिश
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। वहीं पुलिस हत्याकांड में नामजद आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी













