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Barabanki: कम लागत, ज्यादा मुनाफा — सरकार दे रही 50% तक सब्सिडी, “नीली क्रांति” बनी जनपद के किसानों की नई उम्मीद

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Barabanki: “नीली क्रांति” बनी जनपद के किसानों की नई उम्मीद

बाराबंकी में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मछली पालन किसानों की आमदनी का नया जरिया बन रहा है। 4 एकड़ में बने आधुनिक बायोफ्लॉक मत्स्य फार्म का हुआ उद्घाटन, 50% तक सब्सिडी से ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 फरवरी 2026

पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अब बाराबंकी के किसान मछली पालन के ज़रिए आर्थिक समृद्धि की नई इबारत लिख रहे हैं। कम लागत और अधिक मुनाफे वाले इस व्यवसाय को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का मजबूत सहारा मिल रहा है, जिसके तहत 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

रविवार को मसौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत बांसा निवासी खालिक अंसारी द्वारा करीब 4 एकड़ भूमि में स्थापित आधुनिक मत्स्य पालन फार्म का उद्घाटन करते हुए जिला मत्स्य अधिकारी अच्छेलाल निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ग्रामीण अंचलों में आजीविका के नए अवसर पैदा कर रही है। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ रही है, बल्कि गांव आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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Barabanki: कम लागत, ज्यादा मुनाफा! सरकार दे रही 50% तक सब्सिडी, "नीली क्रांति" बनी जनपद के किसानों की नई उम्मीद

बायोफ्लॉक तकनीक से हुआ तालाब का निर्माण

खालिक अंसारी ने सरकारी योजना का लाभ उठाते हुए अपनी भूमि का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया है। उनके मत्स्य पालन फार्म में बायोफ्लॉक तकनीक से तालाब का निर्माण कराया गया है, जिसमें जल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बायोफ्लॉक शीट, ऑक्सीजन मशीन, सबमर्सिबल पंप और जनरेटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं लगाई गई है। इससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो पा रहा है।

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नीली क्रांति की ओर बढ़ता बाराबंकी

मछली पालन क्षेत्र में सक्रिय मछली चिकित्सक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि मत्स्य पालन क्षेत्र में “नीली क्रांति” लाने के उद्देश्य से शुरु की गई यह योजना उत्पादन बढ़ाने, निर्यात को दोगुना करने और ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है। बायोफ्लॉक तकनीक के माध्यम से अब किसान न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहे हैं।

 

कार्यक्रम में इस लोगो की रही मौजूदगी

इस अवसर पर एबिश फिश कंपनी के रीजनल मैनेजर राजेश कुमार मिश्रा, रंजन कुमार, हिमांशु, ब्रजेश कुमार (मत्स्य पाल), समाजसेवी मतलूब अंसारी, ग्राम प्रधान मुबीन सिकंदर, अनिल वर्मा, इरशाद अंसारी, कामिल खान, इमरान किदवई, इरशाद मलिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व मत्स्य पालक मौजूद रहे।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / नूर मोहम्मद

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Author: Kamran Alvi

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