Barabanki:
बाराबंकी के हर्षवर्धन सिंह ने CDS परीक्षा 2025 में 363वीं रैंक हासिल कर इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया। परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
जनपद बाराबंकी के लिए गर्व का क्षण है। जिले के होनहार युवा हर्षवर्धन सिंह ने संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा 2025 (प्रथम) में 363वीं रैंक हासिल कर भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रौशन किया है। CDS परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही उनके घर में खुशी की लहर दौड़ गई। माता-पिता अपनी संतान की इस बड़ी उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं, वही रिश्तेदारों और मित्रो द्वारा मिठाई खिलाकर बधाईयों का सिलसिला लगातार जारी है।

रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम थालकला निवासी है हर्षवर्धन
मूल रूप से जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम थालकला निवासी 23 वर्षीय हर्षवर्धन सिंह वर्तमान में शहर की शिव विहार कॉलोनी, शुगर मिल क्षेत्र में रहते है। उनके पिता लेखराज सिंह पेशे से अधिवक्ता हैं, जबकि माता गृहिणी है। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल बचपन से रहा, जिसका असर हर्षवर्धन के व्यक्तित्व और करियर पर साफ दिखाई देता है।
बचपन से ही मेधावी छात्र रहे है लेफ्टिनेंट हर्षवर्धन
हर्षवर्धन शुरू से ही मेधावी छात्र रहे है। उन्होंने शहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल से वर्ष 2018 में हाईस्कूल और 2020 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 में दिल्ली के प्रतिष्ठित जाकिर हुसैन कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स विषय में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की, जिसमें वह प्रथम क्षेणी में उत्तीर्ण हुए।
बचपन से रहा इंडियन आर्मी ज्वाइन करने का सपना
हर्षवर्धन ने बताया कि उनके परिवार में पहले से ही कई सदस्य भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं, जिससे उन्हें बचपन से ही सेना में जाने की प्रेरणा मिलती रही। देश सेवा का यही जज्बा उनके मन में इंडियन आर्मी ज्वाइन करने का सपना लेकर आया। बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ CDS परीक्षा की तैयारी शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली।
क्षेत्र में ख़ुशी की लहर, बधाईयों का सिलसिला जारी
उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों, शिक्षकों और युवाओं ने भी हर्षवर्धन को बधाई देते हुए इसे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत्र बताया है। हर्षवर्धन की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और सही दिशा में किया गया प्रयास किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकता है।
रिपोर्ट – कामरान अल्वी















