Barabanki: जिला अस्पताल का आईएएस अधिकारी नीना शर्मा ने औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट, ऑक्सीजन प्लांट और वार्डों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
मरीजों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली और डॉक्टरों को बाहर की दवाइयां न लिखने के निर्देश दिए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में सोमवार को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं नामित नोडल अधिकारी नीना शर्मा (आईएएस) ने जिला सरकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और विभिन्न निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया।
इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जे.पी. मौर्या और उपजिलाधिकारी नवाबगंज सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

वार्डों में जाकर मरीजों से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी सीधे अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचीं और वहां भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार और सुविधाओं की जानकारी ली।
बाहर की दवाइयां लिखने पर जताई नाराजगी
इसी दौरान उन्होंने एक मरीज से बातचीत की, जिसने बताया कि वह पेशे से ड्राइवर है। मरीज की पर्ची देखने पर उसमें बाहर की दवाइयां लिखी हुई पाई गईं। इस पर नोडल अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों को यथासंभव अस्पताल से ही दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं और अनावश्यक रूप से बाहर की दवाइयां न लिखी जाएं।

ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्थाओं का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान आईएएस अधिकारी नीना शर्मा ने जिला अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली कि अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति किस प्रकार की जा रही है और क्या गंभीर मरीजों तथा बच्चों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध हो रही है या नहीं।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑक्सीजन की आपूर्ति और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

50 बेड के क्रिटिकल केयर सेंटर का भी लिया जायजा
छह महीने में पूरा होने की संभावना
अस्पताल परिसर में बन रहे 50 बेड के क्रिटिकल केयर सेंटर (Critical Care Unit) का भी नोडल अधिकारी ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि इस भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और लगभग छह माह के भीतर इसके पूर्ण होने की संभावना है।
यह सेंटर शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी। वर्तमान समय में कई गंभीर मरीजों को जिला ट्रामा सेंटर से लखनऊ रेफर करना पड़ता है, लेकिन क्रिटिकल केयर यूनिट बनने के बाद जिले में ही बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के दिए निर्देश
निरीक्षण के अंत में नोडल अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जाए। मरीजों को बेहतर इलाज और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल की सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान














