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Barabanki: टोल कर्मियों की जमानत याचिका पर सिविल कोर्ट में बवाल, नाराज़ अधिवक्ताओं ने फूंक दिया पैरवी करने वाले वकील का तख्त और कुर्सी

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Barabanki: टोल कर्मियों की जमानत याचिका पर सिविल कोर्ट में बवाल, नाराज़ अधिवक्ताओं ने फूंक दिया पैरवी करने वाले वकील का तख्त और कुर्सी

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बाराबंकी के बारा टोल प्लाजा मारपीट मामले में आरोपियों की जमानत याचिका के बाद सिविल कोर्ट में बवाल। आरोपी टोल कर्मियों की पैरवी पर भड़के अधिवक्ताओं ने तख्त जलाया, जमानत याचिका खारिज।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 फरवरी 2026

बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र स्थित बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता से मारपीट के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को इस प्रकरण में जेल में बंद टोल प्लाजा के पांच कर्मचारियों की ओर से जमानत याचिका दाखिल होने के बाद सिविल कोर्ट परिसर में भारी हंगामा देखने को मिला। नाराज अधिवक्ताओं ने आरोपी टोल कर्मियों की पैरवी करने वाले वकील के खिलाफ़ मोर्चा खोलते हुए उनकी सीट पर तोड़फोड़ की और उनका तख्त, कुर्सियां और फर्नीचर तोड़कर आग के हवाले कर दिया।

 

क्या है पूरा मामला?

14 जनवरी 2026 को बारा टोल प्लाजा पर टोल टैक्स को लेकर हुए विवाद के बाद टोल कर्मियों ने प्रतापगढ़ निवासी इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश कुमार शुक्ला की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला प्रदेश भर में सुर्खियों में आ गया था।

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घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर 5 नामजद और 7 अज्ञात टोल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर 16 जनवरी 2026 को जेल भेज दिया था।

 

अधिवक्ता समाज में उबाल

घटना की जानकारी मिलते ही पूरे प्रदेश के अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश फैल गया था। अगले ही दिन सैकड़ों अधिवक्ता बारा टोल प्लाजा पहुंचे और जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि कोई भी अधिवक्ता आरोपी टोल कर्मियों की पैरवी नहीं करेगा।

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जमानत याचिका के बाद भड़का आक्रोश

गुरुवार को जेल में बंद पांच आरोपियों—

  1. लवलेश मिश्रा (निवासी हैदरगढ़, बाराबंकी)
  2. गोलू कुमार (पटना, बिहार)
  3. रवि सिंह तोमर (शिवपुरी, मध्य प्रदेश)
  4. विश्वजीत सिंह (मुरैना, मध्य प्रदेश)
  5. जगभान सिंह (शिवपुरी, मध्य प्रदेश)

की ओर से एसीजेएम कोर्ट संख्या-17 में जमानत याचिका दाखिल की गई। याचिका पर सेशन कोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार शुक्ला का वकालतनामा लगा होने की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं में रोष फैल गया।

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कोर्ट ने खारिज की जमानत

हालांकि, अभियोजन पक्ष के कड़े विरोध के बाद एसीजेएम कोर्ट संख्या-17 की न्यायाधीश रूचि तिवारी ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। लेकिन, वकालतनामा दाखिल किए जाने की खबर से अधिवक्ता समुदाय का आक्रोश और भड़क उठा।

 

सिविल कोर्ट में हंगामा, तख्त जलाया

सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए मनोज कुमार शुक्ला के तख्त पर पहुंच गए। मौके पर वो तो नहीं मिले, लेकिन नाराज़ अधिवक्ताओं ने उसकी सीट पर जमकर तोड़फोड़ की। तख्त, कुर्सियां और फर्नीचर तोड़कर आग के हवाले कर दिया गया। कुछ अति-उत्साही वकीलों ने उनकी फाइलें भी जलाने की कोशिश की, लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने हस्तक्षेप कर उन्हें रोका और फाइलों को सुरक्षित जिला बार कार्यालय में जमा करा दिया।

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निलंबन की मांग

नाराज अधिवक्ताओं ने आरोपी टोल कर्मियों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता मनोज कुमार शुक्ला को जिला बार से निलंबित करने की मांग की है। पूरे घटनाक्रम के दौरान सिविल कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / अली चांद

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Author: Kamran Alvi

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