Barabanki: अयोध्या पुलिस पर असंद्रा निवासी युवक को अगवाकर मारपीट और 2 लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप।
हिन्द अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा युवक।
दरियाबाद विधानसभा में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन, तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 21 फरवरी 2026
जनपद बाराबंकी के असंद्रा थाना क्षेत्र के ग्राम ढेमा निवासी एक महिला ने अयोध्या जिले की इनायतनगर और पटरंगा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। पीड़िता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता शमा पत्नी सुहेल का आरोप है कि 7 फरवरी 2026 को पुलिस उनके पति सुहेल को जबरन घर से उठाकर ले गई। आरोप है कि हिरासत में उनके साथ कथित तौर पर थर्ड डिग्री मारपीट की गई और 2 लाख रुपये की अवैध वसूली की मांग की गई।
परिजनों का कहना है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना से आहत होकर सुहेल ने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें हिन्द अस्पताल कैंसर इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया, जहां वे आईसीयू में उपचाराधीन बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से परिवार में भय और दहशत का माहौल है।

सड़क जामकर धरना-प्रदर्शन
मामले को लेकर दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में भी आक्रोश देखने को मिला। भिटरिया चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर के पास आम आदमी पार्टी और हिंदू राष्ट्र शक्ति संगठन के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपित पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
नेताओं ने क्या कहा?
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरना शुरू होते ही माहौल कुछ समय के लिए गर्म हो गया। सूचना मिलते ही कई पुलिस अधिकारी मौके कर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने तीन दिन के भीतर निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। यह मामला फिलहाल कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम जनता का भरोसा कानून व्यवस्था पर बना रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान














