Barabanki:
बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र में दलित परिवार की जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्ज़ा करने, गेहूं की खड़ी फसल नष्ट करने और जातिसूचक गालियों के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार पुलिस पर विपक्षियों से साठगांठ कर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगा रहा है। पढ़ें पूरी खबर विस्तार से

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र से दबंगई और कठित भू-माफिया के आतंक का एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि दबंगों द्वारा उनकी ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा करने, फसल नष्ट करने और मारपीट की घटना को चार दिन बीत जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस विपक्षियों से साठगांठ के चलते अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।
हसवापुर मजरे खैरा कनकू गांव का मामला
ग्राम हसवापुर मजरे खैरा कनकू निवासी अनुसूचित जाति के गरीब खेतिहर मजदूर बाबूलाल पासी पुत्र जगेसर पासी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि दिनांक 30 दिसंबर 2025 की शाम करीब 5 बजे वह अपने परिवार के साथ अपनी गाटा संख्या-1006 मिन में लगी गेहूं की फसल की सिंचाई कर रहा था।
इसी दौरान अयोध्या प्रसाद पुत्र बैजू निवासी नई बस्ती अर्जुनगंज, जनपद लखनऊ अपनी पत्नी, माता, भाई समेत करीब 50 अज्ञात लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। इनके लगभग 30 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल थे, जो चार चारपहिया वाहनों और करीब 10 मोटरसाइकिलों से आए थे।
लात-घूंसो व लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट
पीड़ित का आरोप है कि विपक्षियों ने बिना किसी वैधानिक आदेश के जबरन उसकी ज़मीन पर कब्जा करने की नीयत से दो ट्रैक्टरों से खेत की जुताई कर गेहूं की खड़ी फसल को नष्ट करना शुरू कर दिया। जब बाबूलाल और उसके परिजनो ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मां बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दी और लात-घूंसो व लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट में महिलाओं बच्चों समेत कई घायल
पीड़ित के अनुसार अयोध्या प्रसाद ने जान से मारने की नीयत से उसका गला दबाया और जमीन पर पटक दिया। आरोप है कि विपक्षियों के साथ मौजूद एक वकील ने बाबूलाल की पत्नी कल्पवती को भी लात मारकर गिरा दिया। शोर-शराबा सुनकर गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह पीड़ित परिवार को बचाया।
जाते-जाते आरोपी धमकी देकर गए कि आज तो बच गए, अगली बार जान से मार देंगें। मारपीट में बाबूलाल, उसकी पत्नी कल्पवती, पुत्र रामसिंह, बहू सरिता समेत परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
नहीं उठा थानाध्यक्ष का सीयूजी नंबर
पीड़ित की पुत्री एडवोकेट अनुष्का, जो बाराबंकी सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस करती है, ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने 4-5 बार थानाध्यक्ष लोनी कटरा के सीयूजी नंबर पर फोन किया, लेकिन विपक्षियों से कथित साठगांठ के चलते फोन नहीं उठाया गया। इसके बाद उन्होंने डायल-112 पर सूचना दी, साथ ही पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी बाराबंकी और एसडीएम हैदरगढ़ को फोन कर मदद मांगी। काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर परिवार की जान बच सकी।
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घंटों थाने में बैठाने के बाद भी कार्रवाई शून्य
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना वाले दिन ही वे लोनी कटरा थाने पहुंचे और लिखित तहरीर दी, लेकिन न तो उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही घायलों का मेडिकल कराया गया। घंटों थाने में बैठाने के बाद उन्हें अगले दिन आने की बात कहकर वापस कर दिया गया। अगले दिन थाने पहुंचने पर थानाध्यक्ष ने इसे राजस्व विवाद बताकर एसडीएम हैदरगढ़ से संपर्क करने की सलाह दे दी।
एसडीएम और बीजेपी विधायक के निर्देश भी बेअसर
पीड़ित का कहना है कि इसके बाद उन्होंने एसडीएम हैदरगढ़ और क्षेत्रीय विधायक दिनेश रावत से भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उनके निर्देशों के बाद भी थानाध्यक्ष लोनी कटरा अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कर रहे हैं। वही दूसरी ओर आरोपी लगातार पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकीं दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि विपक्षी भू-माफिया प्रवृत्ति के दबंग लोग है, जिनसे उन्हें जान-माल का गंभीर खतरा बना हुआ है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















