Barabanki: रिकवरी एजेंट बनकर सफारी स्टॉर्म गाड़ी व एक लाख रुपए छीनने का आरोप
नगर कोतवाली क्षेत्र में रिकवरी एजेंट बनकर सफारी स्टॉर्म रोकने और गाड़ी से एक लाख रुपये नकद गायब करने का आरोप, शिकायत के बाद धमकी देने का मामला, जांच की मांग।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 फरवरी 2026
बाराबंकी जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में एक युवक ने कथित रिकवरी एजेंटों पर सफारी स्टॉर्म गाड़ी रोककर चाबी छीनने और वाहन में रखे एक लाख रुपए नकद गायब करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने नगर कोतवाली में लिखित तहरीर देकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़ित युवक का कहना है कि शिकायत करने के बाद से उसे फोन पर लगातार धमकाया जा रहा है, जिससे वह भय और मानसिक तनाव में है।
खुद को रिकवरी एजेंट बताकर रोकी गाड़ी
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पीटबटावन निवासी मोहम्मद कलीम पुत्र मोहम्मद सलीम ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह ड्राइवरी का कार्य करता है। पीड़ित के अनुसार 7 फरवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे वह अपने साथी इमरान के साथ सफारी स्टॉर्म (संख्या UP 42 AJ 9303) से आवास विकास कॉलोनी में चल रहे एक कार्यक्रम से पानी की बोतले लेने गया था।
इसी दौरान आवास विकास कॉलोनी के पास दो अज्ञात युवकों ने गाड़ी रोक ली और खुद को रिकवरी एजेंट बताते हुए वाहन की किस्तें बकाया होने की बात कहकर गाड़ी की चाबी छीन ली।
गाड़ी में रखी नगदी निकालने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि उक्त युवक उसे पास ही बने अपने कार्यालय ले गए। वहां मौजूद व्यक्ति ने मोबाइल फोन में वाहन का नंबर डालकर जांच की, जिसमें किसी भी किस्त का बकाया नहीं निकला। इसके बावजूद कार्यालय में मौजूद राजन नाम के व्यक्ति ने दो अज्ञात लोगों के साथ मिलकर गाड़ी में रखी मालिक की करीब एक लाख रुपए की नगदी निकाल ली।
पीड़ित का कहना है कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया और कहा गया कि “यहां से चले जाओ, वरना पैरों पर चलकर नहीं जा पाओगे।” धमकी से भयभीत होकर वह वहां से चला आया।
शिकायत के बाद फोन पर कथित किसान नेता की धमकी
घटना के बाद पीड़ित अपने साथी के साथ नगर कोतवाली पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की लिखित तहरीर दी। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद से ही एक कथित किसान नेता द्वारा मोबाइल नंबर 8604163041 से लगातार कॉल कर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जा रही है।
कानूनी प्रक्रिया के बिना रिकवरी अवैध: विधि विशेषज्ञ
विधि विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बैंक या एनबीएफसी द्वारा नियुक्त रिकवरी एजेंट को बिना वैधानिक प्रक्रिया के सड़क पर वाहन रोकने या जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है।
पटना हाईकोर्ट सहित देश के विभिन्न न्यायालयों के फैसलों में स्पष्ट किया गया है कि SARFAESI Act जैसी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी भी प्रकार की रिकवरी अवैध है।
इसके बावजूद खुलेआम सड़कों पर वाहन रोककर डराने-धमकाने और वसूली करना कानून का सीधा उल्लंघन माना जाता है।
रिकवरी एजेंट के नाम पर अवैध वसूली की चर्चा, मिलीभगत की आशंका
सूत्रों के अनुसार, जनपद में रिकवरी एजेंट के नाम पर कुछ दबंग तत्वों द्वारा अवैध वसूली किए जाने की चर्चाएं लंबे समय से आम हैं। आरोप है कि कुछ लोग अपनी कथित प्रशासनिक पकड़ का हवाला देकर बिना किसी डर के इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
यह भी बताया जा रहा है कि संबंधित कार्यालय पर पुलिस कर्मियों का आना-जाना रहता है, जिससे प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका और गहराती जा रही है।
एफआईआर व गिरफ्तारी की मांग
पीड़ित और क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए और पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद














