Barabanki: बाराबंकी में रफी अहमद किदवई की जयंती पर उनकी मजार पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने पुष्पांजलि अर्पित कर भारत रत्न देने की मांग उठाई।
- रफी मेमोरियल इंटर कॉलेज में भी माल्यार्पण किया गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 18 फरवरी 2026
जंगे आज़ादी के महानायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रफी अहमद किदवई की जयंती पर बाराबंकी में उनकी मज़ार पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिज़वी ने पुष्पांजलि अर्पित कर खिराज-ए-अक़ीदत पेश की और दुआएं मांगीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ट्रस्ट पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गरीबों और किसानों के हितैषी थे रफी साहब
रफी अहमद किदवई ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. अम्मार रिज़वी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि रफी साहब का जीवन गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग की मदद की और पूरी जिंदगी देश सेवा में लगा दी।
उन्होंने कहा कि रफी साहब जैसे सादगीपूर्ण और उदारवादी नेता सदियों में पैदा होते हैं।
भारत रत्न देने की उठी मांग
रफी साहब को सर्वोच्च सम्मान देने की अपील
डॉ. अम्मार रिज़वी ने अपने सम्बोधन में रफी अहमद किदवई को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने बाराबंकी से अपने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि रफी साहब उनके आदर्श रहे हैं और समाज को इनके विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
तालाब सुंदरीकरण और शैक्षणिक संस्थान में कार्यक्रम
ट्रस्ट अध्यक्ष ने मज़ार परिसर में स्थित तालाब के सुंदरीकरण के लिए शासन स्तर पर पत्राचार कर आवश्यक कार्यवाही कराने की बात कही।
इसके अलावा मसौली चौराहा स्थित रफी मेमोरियल इंटर कॉलेज में रही साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विजय बहादुर, राघव राम यादव, विधायक प्रतिनिधि लल्लन वर्मा, मुमताज कामिल किदवई, तौकीर किदवई, मसूद अशरफ, सुरेन्द्र पांडेय, सबा जहीर, फातिमा सबीहा, तारिक किदवई, सतीश सिंह, के.के. रुबेला सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सादगी, सेवा और राष्ट्रभक्ति की मिसाल
रफी अहमद किदवई का जीवन राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय और सेवा भाव की मिसाल रहा है। जयंती के अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद













