बाराबंकी के देवा क्षेत्र में टीपहार गांव के पास मधुमक्खियों के विशाल छत्ते से राहगीरों और स्कूली बच्चों पर हमले का खतरा है। शिकायत पर DM ने DFO को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 नवंबर 2026
बाराबंकी जिले के देवा थाना क्षेत्र में मधुमक्खियों का एक विशाल छत्ता राहगीरों और ग्रामीणों के लिए खतरा बन गया है। चिनहट-कुर्सी बाईपास मार्ग पर ग्राम टीपहार के निकट पेड़ पर लगे इस छत्ते से निकलने वाली मधुमक्खियां लगातार सड़क से गुजरने वाले लोगों पर हमला कर रही हैं। बीते 6 नवंबर को भी मधुमक्खियों के झुंड ने राहगीरों पर हमला कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार यादव ने प्रशासन से छत्ते को सुरक्षित तरीके से हटवाने की मांग की है।
मामले को लेकर उन्होंने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर वन विभाग की विशेषज्ञ टीम भेजने की अपील की। शिकायत पर जिलाधिकारी ने जिला वन अधिकारी (DFO) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
टीपहार गांव के पास मधुमक्खियों का विशाल छत्ता बना खतरा
जानकारी के मुताबिक, देवा थाना क्षेत्र के चिनहट-कुर्सी बाईपास मार्ग पर ग्राम टीपहार के निकट एक पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छत्ते से निकलने वाली मधुमक्खियां अचानक राहगीरों पर हमला कर देती हैं।
इससे सबसे अधिक खतरा स्कूली बच्चों को है, जो रोजाना इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते छत्ते को नहीं हटाया गया तो किसी दिन गंभीर हादसा हो सकता है।

मधुमक्खियों के झुंड ने राहगीरों पर किया हमला
बताया गया कि 6 नवंबर को सुबह करीब 8:30 बजे मधुमक्खियों के झुंड ने सड़क से गुजर रहे लोगों पर अचानक हमला कर दिया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। मधुमक्खियों के हमले से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले भी मधुमक्खियां स्कूली बच्चों और राहगीरों पर हमला कर चुकी हैं। लगातार हो रही घटनाओं के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों में डर बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने पुआल जलाकर किया बचाव का प्रयास
मधुमक्खियों के हमले के दौरान प्रदीप कुमार यादव, उमेश यादव एडवोकेट, कुंवर कैलाश और अनूप गौतम ने लोगों को बचाने का प्रयास किया। उन्होंने पुआल जलाकर धुआं किया, ताकि मधुमक्खियों के हमले से लोगों को बचाया जा सके।
वहीं उमेश यादव ने 108 एंबुलेंस को सूचना देकर बुलाया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) देवा पहुंचाने में मदद की। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सका।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में उठाई गई छत्ता हटवाने की मांग
लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए प्रदीप कुमार यादव ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने मांग की कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर विशेषज्ञों की मदद से मधुमक्खियों के विशाल छत्ते को सुरक्षित तरीके से हटवाया जाए।
उन्होंने प्रशासन को बताया कि चिनहट-कुर्सी बाईपास मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में मधुमक्खियों के हमले से किसी की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
डीएम ने DFO को तत्काल कार्रवाई के दिए निर्देश
प्रदीप कुमार यादव की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने जिला वन अधिकारी (DFO) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अब स्थानीय लोगों को वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने और मधुमक्खियों के छत्ते को सुरक्षित तरीके से हटवाने का इंतजार है। ग्रामीणों की मांग है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
स्कूली बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा का सवाल
टीपहार गांव के पास मधुमक्खियों के हमलों की घटनाएं अब स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। खासकर सुबह और दोपहर के समय स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक परेशान हैं।
प्रशासन की ओर से डीएफओ को निर्देश दिए जाने के बाद उम्मीद है कि वन विभाग जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगा और विशेषज्ञों की मदद से छत्ते को सुरक्षित तरीके से हटाने की कार्रवाई करेगा।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी












