बाराबंकी के लोनी कटरा क्षेत्र के शिवनाम गांव निवासी मनीष पासवान उर्फ प्रियांशु की मुंबई में संदिग्ध मौत। परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर जांच और पूछताछ की मांग की, शव का अंतिम संस्कार रोका।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 अक्टूबर 2026
बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के शिवनाम गांव निवासी मनीष पासवान उर्फ प्रियांशु की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ की मांग की है।
शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब तक पुलिस मामले की जांच नहीं करती और जिन लोगों पर उन्हें शक है, उनसे पूछताछ नहीं की जाती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
14 मई को हुई थी शादी, पत्नी के साथ मुंबई गया था प्रियांशु
परिजनों के मुताबिक, मनीष पासवान उर्फ प्रियांशु की शादी 14 मई 2026 को थाना क्षेत्र के ही छन्दरौली गांव निवासी आंशिका के साथ हुई थी। परिजनों का कहना है कि शादी से पहले आंशिका मुंबई में अपने बहनोई अजीत के साथ रहकर काम करती थी।
परिवार के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को आंशिका नौकरी लगवाने का कहकर प्रियांशु को अपने साथ मुंबई ले गई थी। बताया गया कि मुंबई में आंशिका और उसका बहनोई अजीत दिन की ड्यूटी करते थे, जबकि प्रियांशु की ड्यूटी रात में लगाई गई थी।

मुंबई पहुंचने के कुछ दिन बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों का आरोप है कि मुंबई पहुंचने के महज चार-पांच दिन बाद ही प्रियांशु की तबीयत खराब हो गई थी। इस दौरान उसने अपनी मां से फोन पर बातचीत भी की थी।
परिजनों के मुताबिक, बातचीत में प्रियांशु ने कथित तौर पर कहा था कि वह मुंबई में नहीं रहना चाहता और वापस अपने घर आना चाहता है। परिवार का आरोप है कि उसकी पत्नी आंशिका वापस आने के लिए तैयार नहीं थी।
परिवार ने 5 हजार रुपये भेजकर कराया था वापसी का टिकट
परिजनों का कहना है कि प्रियांशु के घर लौटने की इच्छा को देखते हुए उन्होंने यहां से 5 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे थे। इसी रकम से उसके वापस आने का ट्रेन टिकट कराया गया था।
परिवार के मुताबिक, जिस दिन प्रियांशु की वापस आने वाली ट्रेन थी, उसी दिन अंशिका ने फोन पर बताया कि प्रियांशु ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी हैं।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। इसके बाद शव को मुंबई में पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया।

एंबुलेंस से शव लेकर आ रहे बहनोई पर लखनऊ में उतरने का आरोप
परिजनों ने शव गांव लाने के दौरान भी गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि मुंबई में पोस्टमार्टम के बाद आंशिका और उसका बहनोई अजीत एंबुलेंस से प्रियांशु का शव लेकर बाराबंकी आ रहे थे।
परिजनों का आरोप है कि लोनी कटरा पहुंचने से पहले ही अजीत लखनऊ में कहीं उतर गया और वहां से आगे नहीं आया। परिवार के मुताबिक, अजीत के इस तरह रास्ते में उतर जाने से उनका शक और गहरा हो गया।

शव गांव पहुंचते ही परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
शव के गांव पहुंचते ही परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिवार का कहना है कि प्रियांशु की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
परिजनों ने अजीत और आंशिका को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की है। उनका कहना है कि पूछताछ और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकती है।
अंतिम संस्कार से किया इनकार, पुलिस जांच की मांग
परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक पुलिस मामले की जांच नहीं करती और जिन लोगों पर उन्हें शक है, उनसे पूछताछ नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने के प्रयास में जुट गई। अब पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि प्रियांशु की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
फिलहाल युवक की मौत को लेकर परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है, लेकिन हत्या की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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