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Barabanki: उग्र प्रदर्शन के बाद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई, दो नामजद समेत लगभग 100 लोगों पर दर्ज हुई FIR

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Barabanki News: बाराबंकी के रामनगर में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित हमले के मामले में FIR दर्ज हुई। दो नामजद समेत करीब 100 लोगों पर BNS और SC-ST Act में केस।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 17 सितम्बर 2026

बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित हमले और पथराव के मामले में आखिरकार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष देशराज गौतम की तहरीर पर रामनगर थाने में दो नामजद समेत करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में BNS की विभिन्न गंभीर धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।

FIR में नामजद किए गए लोगों में अमित सिंह अंश वंश और अभय सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। रामनगर क्षेत्र की सीओ गरिमा पंत के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे चंद्रशेखर आजाद

शिकायत के अनुसार, 13 सितम्बर 2026 को नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गोंडा में विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में उनके काफिले को रोकने और उसके बाद कथित तौर पर पथराव व तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी।

मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी की ओर से लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही थी। घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद ने भी पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर काफिले पर हमले का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने साथ मौजूद कार्यकर्ताओं के घायल होने और वाहनों को नुकसान पहुंचने का दावा किया था।

काफिले पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ का आरोप

जिलाध्यक्ष देशराज गौतम की तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रामनगर-बुढ़वल स्टेशन रोड पर बड़ी संख्या में लोग कथित तौर पर लाठी-डंडों, पत्थरों, सरिया और अन्य वस्तुओं से लैस होकर जमा हुए थे।

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शिकायत में आरोप है कि काफिले के रामनगर पहुंचने पर आपत्तिजनक पोस्टर और जातिसूचक गालियों के साथ नारेबाजी की गई। इसके बाद जब काफिला वापस लखनऊ की ओर रवाना हो रहा था, तभी कथित तौर पर लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया और वाहनों में तोड़फोड़ की।

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13 सितम्बर को SP को दी गई थी शिकायत

आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष देशराज गौतम ने 13 सितम्बर को पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को शिकायती पत्र दिया था। इसमें उन्होंने घटना का विस्तृत विवरण देते हुए काफिले पर हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हमले के दौरान सांसद और उनके साथ मौजूद लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

कई कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा

तहरीर में कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के घायल होने का उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार:

  • श्रवण कुमार को आंख और हाथ में चोट लगी।
  • अमर कुमार के पैर के अंगूठे और पैर में चोट आने का दावा किया गया।
  • नीरज कुमार, जिला लीगल एडवाइजर एवं अधिवक्ता, पर लोहे की रॉड से हमला किए जाने और पीठ पर चोट के निशान होने का आरोप लगाया गया।
  • उपेन्द्र कुमार के हाथ और पैर में चोट लगने की बात कही गई।
  • आशीष कुमार के शरीर पर कई चोटें आने का दावा किया गया।
  • शिवम की गाड़ी में तोड़फोड़ तथा पीठ और पैर में चोट लगने का आरोप लगाया गया।
  • अवधेश कुमार गौतम के सिर और पीठ में चोट लगने की बात तहरीर में कही गई।
  • शेरखान, अयोध्या मंडल प्रभारी, के पीठ और कंधे पर चोटें आने का उल्लेख किया गया।
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तहरीर में इसके अलावा 8 से 10 अन्य कार्यकर्ताओं के घायल होने का भी दावा किया गया है।

FIR में BNS की गंभीर धाराएं और SC-ST Act शामिल

पुलिस ने देशराज गौतम की तहरीर के आधार पर रामनगर थाने में BNS की धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 352 और 351(3) के साथ एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मामले में दो लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 100 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। अब पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल, उपलब्ध वीडियो/सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की जांच करेगी।

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पुलिस जांच के बाद सामने आएगी घटना की पूरी तस्वीर

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस के सामने घटना में शामिल लोगों की पहचान करने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने की चुनौती है।

FIR में देरी को लेकर बुधवार को हुआ था प्रदर्शन

घटना के कई दिन बाद भी मुकदमा दर्ज न होने से नाराज आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बाराबंकी जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने काफिले की घटना में कार्रवाई की मांग की थी। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति शांत हुई।

प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

बुधवार के प्रदर्शन के अगले दिन यानी गुरुवार 17 सितम्बर को रामनगर पुलिस ने देशराज गौतम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया।

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अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों के साथ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब पुलिस जांच पर टिकी नजर

चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित हमले का मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी चर्चा में रहा है। घटना के बाद निष्पक्ष जांच, सुरक्षा व्यवस्था और दोषियों पर कार्रवाई की मांग लगातार उठती रही।

अब FIR दर्ज होने के बाद पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान क्या हुआ, आरोपों में नामित और अज्ञात लोगों की भूमिका क्या थी और किन धाराओं के तहत आगे कार्रवाई बनती है।

रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी 

 

 

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Author: Kamran Alvi

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