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Barabanki: सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर AIMIM ने उठाई न्यायिक जांच की मांग, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

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Barabanki News: सहारनपुर की करीब 100 वर्ष पुरानी बताई जा रही वक्फ मस्जिद के ध्वस्तीकरण के मामले में AIMIM ने न्यायिक जांच की मांग की। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। पढ़ें पूरी खबर 

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 सितंबर 2026

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में करीब 100 वर्ष पुरानी बताई जा रही वक्फ मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने न्यायिक जांच की मांग उठाई है। पार्टी की ओर से मंगलवार को जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मस्जिद से जुड़े पूरे प्रकरण, प्रशासनिक कार्रवाई और ध्वस्तीकरण से पहले अपनाई गई प्रक्रिया की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है।

AIMIM नेताओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान संविधान और कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है। पार्टी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

AIMIM ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

पार्टी की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि सहारनपुर की पुरानी वक्फ मस्जिद से संबंधित मामले में हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

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ज्ञापन में विशेष रूप से मांग की गई कि मस्जिद के ध्वस्तीकरण से पहले अपनाई गई प्रक्रिया, संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई और पूरे प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई में कानून का पालन जरूरी: AIMIM

AIMIM की ओर से कहा गया कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संविधान और कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

पार्टी ने राष्ट्रपति से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति की ओर से नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

प्रभावित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग

ज्ञापन में मामले से प्रभावित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी की गई है। पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच होने से कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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AIMIM ने भविष्य में धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया सुनिश्चित किए जाने की मांग भी रखी है।

विवाद बढ़ाना नहीं, निष्पक्ष जांच की मांग: AIMIM

ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं है। उनका कहना है कि ज्ञापन के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संवैधानिक तरीके से न्याय सुनिश्चित करने की मांग शासन-प्रशासन तक पहुंचाई गई है।

पार्टी ने उम्मीद जताई कि मामले के सभी पहलुओं की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी संख्या में AIMIM पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान AIMIM के सेंट्रल उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव, सेंट्रल महासचिव खतीब अलवी, जिलाध्यक्ष मौलाना मसीउर्रहमान, मौलाना अखलाक नदवी, जुबैर अहमद, रफी अहमद, रिजवान, सलमान, रेहान, हाफिज अता-उर्रहमान, मोहम्मद इसरार, शकील मंसूरी और इमरान राईन सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / अली चांद 

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Author: Kamran Alvi

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