Barabanki News: बाराबंकी के दानपुर चौराहे के पास कांवड़ियों की सड़क किनारे खड़ी ट्रॉली से बाइक टकराने पर दो युवकों की मौत हो गई।
तीसरा युवक गंभीर घायल है। एंबुलेंस व्यवस्था पर परिजनों ने सवाल उठाए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 10 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सोमवार रात महादेव के दर्शन के लिए जा रहे तीन युवकों की बाइक सड़क किनारे खड़ी कांवड़ियों की ट्रॉली से टकरा गई। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के दानपुर चौराहे के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, मृतकों के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दानपुर चौराहे के पास सड़क किनारे खड़ी थी कांवड़ियों की ट्रॉली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल तीनों युवक फतेहपुर कस्बे के जोशी टोला, मंगल बाजार, टाउन एरिया के पीछे के रहने वाले थे। सोमवार रात करीब 10:30 बजे तीनों युवक बाइक से महादेव के दर्शन के लिए जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि जब बाइक मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के दानपुर चौराहे के पास पहुंची तो सड़क किनारे कांवड़ियों की ट्रॉली खड़ी थी। रात में अंधेरा होने के कारण बाइक सवार युवकों को ट्रॉली दिखाई नहीं दी।
इसी दौरान बाइक ट्रॉली में लगे लोहे के एंगल से जोरदार तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में शैलेंद्र जोशी की मौके पर मौत
हादसे में शैलेंद्र जोशी (28) की मौके पर ही मौत हो गई। शैलेंद्र बाराबंकी स्थित एक्सिस बैंक में कार्यरत थे।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे में परिवार ने एक युवा सदस्य को खो दिया।
इलाज के दौरान शक्तिमान जोशी ने भी दम तोड़ा
शैलेंद्र के साथी शक्तिमान जोशी (23) को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
बताया गया कि शक्तिमान शादी-विवाह समारोहों में खाना बनाने का ठेका लेने का काम करते थे।
इस हादसे में तीसरे युवक सचिन जोशी (25) की हालत भी गंभीर बताई गई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
एंबुलेंस नहीं पहुंचने का आरोप, परिजनों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद मृतक शैलेंद्र जोशी के पिता धर्मेंद्र जोशी ने एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
परिजनों के मुताबिक, हादसे के बाद एंबुलेंस के लिए फोन किया गया, लेकिन आरोप है कि एंबुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद परिजन किसी तरह घायलों को निजी वाहन से फतेहपुर सीएचसी लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि सीएचसी पहुंचने के बाद भी घायलों को तत्काल समुचित चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल सकी।

जिला अस्पताल ले जाने के लिए भी एंबुलेंस का इंतजार
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब फतेहपुर सीएचसी से घायल को बाराबंकी जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद भी घायल को ले जाने के लिए एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हुई।
इसको लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई और अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस की गाड़ी से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
परिजनों ने सवाल उठाया कि गंभीर सड़क हादसों के दौरान यदि एंबुलेंस और चिकित्सकीय सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं होंगी तो आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ आखिर जरूरतमंदों को कैसे मिलेगा।
हालांकि, एंबुलेंस की देरी और अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
सड़क किनारे खड़ी ट्रॉली को लेकर भी जांच की मांग
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने सड़क किनारे खड़ी कांवड़ियों की ट्रॉली को लेकर भी जांच की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि रात के समय सड़क किनारे इस तरह ट्रॉली खड़ी होने से वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने हादसे की परिस्थितियों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर बाराबंकी जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
फिलहाल पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। वहीं दो युवकों की मौत से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। एक ओर जहां परिजन सड़क किनारे खड़ी ट्रॉली को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हादसे के बाद एंबुलेंस और अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान अली












